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ग्राउंड रिपोर्ट : ब्यूटीफिकेशन बन गया `लूटिफिकेशन’, ८०० करोड़ रुपए गए पानी में! कब सुंदर दिखेगी`आमची मुंबई’ दशा और खराब हो गई

रामदिनेश यादव

लगभग ६ महीने पहले मुंबई की सड़कों पर रात के वक्त घूमते हुए मैंने हर तरफ जगमगाट देखी और पेंटिंग-डेंटिंग के काम शुरू थे, मानो मुंबई को सजाया जा रहा है, वडाला, फाइव गार्डन, मटुंगा और दादर जैसे कई इलाकों में पेड़ों पर लिपटी लाइटें रात में जगमगाती हुई चमकती थीं। लेकिन अब ६ महीने बाद मैं इस रास्ते से गुजरता हूं तो मुझे फिर वही पुरानी दशा नजर आती है। जहां-तहां कचरे का ढेर, पेड़ों की जड़ों में मलबा, बत्तियां गुल, पेड़ों की लताओं में चाइनीज बत्तियों के सिर्फ तार लटके हुए नजर आते हैं। कमोबेश मुंबई भर में यही हाल दिखाई देता है। अब मैं सोचता हूं कि राज्य की `घाती’ सरकार मनपा प्रशासन के माध्यम से मुंबई को सुंदर बनाते-बनाते अब रुक क्यों गई है? चाइना में साजोसज्जा की जो चीजें नहीं बिकती हैं उन्हें मुंबई के रास्तों को सजाने के लिए जमकर इस्तेमाल किया गया। या यूं कहें कि चाइनीज लाइटिंग और डेंट-पेंट के साथ फर्नीचर और सीमेंट से फुटपाथ को पाटने के लिए सरकार ने लगभग ८०० करोड़ रुपए खर्च कर दिया लेकिन मुंबई की सुंदरता में कोई बदलाव नहीं आया है।
मनपा प्रशासन ने मुंबई ब्यूटीफिकेशन के नाम पर लगभग ८०० करोड़ से अधिक रुपए खर्च किए हैं। ब्यूटीफिकेशन के नाम पर आम जनता के पैसे को पानी की तरह बहाया गया लेकिन वह ब्यूटीफिकेशन अब कहीं नजर नहीं आता है। अब वे चमकनेवाली बत्तियां पेड़ों से गायब हो गई हैं। सड़कों पर रोड लाइट पर लगे अलग-अलग डिजाइन की बत्तियां भी बंद हैं। कई काम आधे-अधूरे स्थिति में हैं, जो काम हुए थे उनके घटिया दर्जे के चलते वे खराब हो चुके हैं, तो कुछ का मेंटेनेंस और देख-रेख नहीं होने से वह फिर से गंदे और बदतर हालत में नजर आ रहे हैं।
बंद होनी चाहिए ब्यूटीफिकेशन योजना
ब्यूटीफिकेशन के नाम पर पूरी मुंबई को कचरे का ढेर बनाया जा रहा है। अब समय आ गया है कि मनपा इस तरह से ब्यूटीफिकेशन योजना के नाम पर सार्वजनिक धन खर्च करना बंद कर दे और कुछ वास्तविक सफाई और ब्यूटीफिकेशन करना शुरू कर दे।

मुंबई के ब्यूटीफिकेशन का लेखा-जोखा
१,७५० करोड़ रुपए मुंबई के ब्यूटीफिकेशन पर खर्च की योजना
२४ वॉर्डों को ३०-३० करोड़ रुपए आवंटित
८०० करोड़ रुपए तक हो चुके हैं खर्च
६५ करोड़ रुपए में हुई स्काइवॉक की लाइटिंग
१२७८ काम ब्यूटीफिकेशन के हुए हैं शुरू
११३० कार्य बीएमसी ने कर लिए हैं पूरे
३८३ कार्य मुंबई शहर में किए जा चुके हैं
७४७ काम उपनगरों में कर लिए हैं पूरे

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