मुख्यपृष्ठसमाचारबच्चों में बढ़ रहा है निमोनिया का खतरा!

बच्चों में बढ़ रहा है निमोनिया का खतरा!

– चिकित्सकों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

सामना संवाददाता / मुंबई

पिछले कुछ दिनों में प्रदेश में ठंड अपने साथ कुछ बीमारियां भी लेकर आई हैं। इससे सर्दी-खांसी के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। कुछ की हालत इतनी खराब है कि उन्हें ब्रोंकाइटिस और निमोनिया जैसी बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है। जाड़े का सबसे अधिक खतरा बच्चों को है, क्योंकि वे बहुत जल्द ही निमोनिया के शिकार हो जाते हैं। बीते कुछ दिनों से जाड़े की जकड़न में फंस चुके बच्चे अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसलिए चिकित्सा विशेषज्ञों ने बच्चों का विशेष ख्याल रखे जाने की सलाह दी है
मानसून और गर्मी के मौसम में नागरिकों को काफी परेशानी होती है। इसलिए वे इन मौसमों में अक्सर जाड़ा आने का इंतजार करते हैं, लेकिन ठंड के इस मौसम में खासकर बच्चों को सांस संबंधी बीमारियों से जूझना पड़ता है। कुछ बच्चे इतने बीमार पड़ जाते हैं कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ जाती है, ऐसे में इस मौसम में छोटे बच्चों का विशेष रूप में ध्यान रखने की सलाह बाल रोग चिकित्सकों ने दी है।
बच्चे हो जाते हैं चिड़चिड़े
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष कदम ने कहा कि बच्चों में अगर यह समस्या कुछ दिनों तक बनी रहे तो खांसी के साथ गला लाल हो जाता है। इसलिए इस बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। कुछ बच्चों को अधिक दर्द महसूस होता है और बुखार भी आ जाता है। प्रारंभिक अवस्था में खांसी और सर्दी आम लक्षण प्रतीत होते हैं, लेकिन अगर समय पर इलाज न किया जाए तो समस्या बढ़ने की संभावना अधिक होती है। इस अवधि के दौरान बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं, खाने में भी आनाकानी करते हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
चिकित्सकों के मुताबिक, ठंडी हवा से बचने के लिए बच्चों के कान, छाती और तलवों का हमेशा गर्म रखने चाहिए। यदि संभव हो तो उन्हें गर्म कपड़े पहना कर ही रखना चाहिए। उन्हें पीने के लिए गर्म पानी भी देना चाहिए। इस दौरान उन्हें ठंडा खाना नहीं देना चाहिए। इस ठंड के कारण उन्हें सर्दी-जुकाम और खांसी जैसी बीमारियां हो जाती हैं, लेकिन कभी-कभी बीमारी के बिगड़ने की संभावना अधिक होती है। तो ऐसे में बच्चों को काफी परेशानी होती है।

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