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महंगाई की मारी जनता को जीएसटी देगा एक और झटका …बढ़ सकती है १४३ जीवनावश्यक वस्तुओं की कीमतें

सामना संवाददाता / मुंबई । कोरोना काल में लगे लॉकडाउन से बेजार हुए लोग इन दिनों र्इंधन की कीमतों में हुई वृद्धि के कारण बढ़ी महंगाई की मार से परेशान हो रहे हैं। अब लोगों की उक्त परेशानी और बढ़नेवाली है क्योंकि १४३ जीवनावश्यक वस्तुओं पर केंद्र सरकार जीएसटी यानी वस्तु और सेवा कर बढ़ाने की तैयारी कर रही है। जीएसटी परिषद की अगले महीने होनेवाली बैठक में इस पर निर्णय लिया जा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार जीएसटी की दरों को बदल सकती है। जीएसटी परिषद ने १८प्रतिशत के टैक्स स्लैब में आने वाली करीब १४३ वस्तुओं की दर बढ़ाने के संबंध में राज्यों की राय मांगी है। इससे सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी ही साथ ही अन्य राज्यों को भरपाई के लिए केंद्र पर निर्भर नहीं रहना होगा।
रिपोर्ट के अनुसार जिन १४३ वस्तुओं पर जीएसटी की दर वृद्धि की चर्चा हो रही है उन पर टैक्स १८ फीसदी से ९२ फीसदी तक बढ़ाकर २८ फीसदी के टैक्स में डाला जा सकता है।
बढ़ सकती हैं इन वस्तुओं की कीमतें
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पापड़, गुड़, पॉवर बैंक, घड़ी, सूटकेस, हैंडबैग, परफ्यूम, रंगीन टीवी सेट (३२ इंच से कम), चॉकलेट, च्युइंगम, अक्रोड, कस्टर्ड पावडर, अक्रोड, कस्टर्ड पावडर आदि वस्तुओं पर जीएसटी दर बढ़ सकती है। इसी तरह अल्कोहोलिक शीतपेय, सिरामिक सिंक वॉश बेसिन, गॉगल, चश्मा प्रâेम, चमड़े के कपड़े आदि वस्तुएं भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पापड और गुड़ जैसी वस्तुओं पर जीएसटी दर शून्य से ५ फीसदी तक बढ़ाई जा सकती है। चमड़े के कपड़े और उपकरण, हाथ की घड़ी, रेजर, परफ्यूम, प्री-शेव/आफ्टर-शेव क्रीम, डेंटल फ्लॉस, चॉकलेट, वैफल्स, कोको पावडर, कॉफी अर्क तथा कॉन्सन्ट्रेट्स, नॉन-अल्कोहोलिक पेय, हैंडबैग्स / शॉपिंग बैग, सिंक, वॉश बेसिन, प्लायवुड, दरवाजे, खिड़कियां, इलेक्ट्रिकल उपकरण (स्विच, सॉकेट आदि) निर्माण कार्य में लगनेवाली वस्तुओं पर जीएसटी की दर १८ फीसदी से २८ फीसदी तक बढ़ाई जा सकती है।
पहले ही किए गए बदलाव :
उल्लेखनीय बात ये है कि जीएसटी परिषद ने अप्रत्यक्ष कर प्रणाली के लिए नवंबर २०१७ और दिसंबर २०१८ में कई वस्तुओं पर से दर कम करने का निर्णय लिया था। वर्ष २०१७ के नवंबर महीने में गुवाहाटी में हुई बैठक में परफ्यूम, चमड़े के कपड़े, चॉकलेट, कोको पावडर, सौंदर्य अथवा मेकअप आइटम, पटाखे, प्लास्टिक फ्लोअर कवरिंग्ज, दीपक, ध्वनि रिकॉर्डिंग उपकरण और अन्य उपकरण आदि वस्तुओं पर दर कम की गई थी, जो कि आज भी जारी है। इसमें फिर से वृद्धि का प्रस्ताव है। इसी तरह दिसंबर २०१८ की बैठक में रंगीन टीवी सेट व मॉनिटर्स (३२ इंच से कम), डिजिटल तथा वीडियो वैâमरा रिकॉर्डर, पॉवर बैंक जैसी वस्तुओं के लिए जीएसटी दर कम की गई थी, जिसे अब बढ़ाने का प्रस्ताव है। गौरतलब हो कि फिलहाल जीएसटी की चार-स्तरीय व्यवस्था है, जिसके अंतर्गत क्रमानुसार ५ज्ञ्, १२ज्ञ्, १८ज्ञ् और २८ज्ञ् दर से कर वसूली की जाती है।

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