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हैकर्स दे रहे हैं ठगी का झटका! जालसाज नए तरीके से बना रहे शिकार

  •  साइबर पुलिस ने किया सावधान

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने के लिए जालसाजी का नया तरीका खोज निकाला है। हैकर्स बिजली उपभोक्ताओं को ठगी का झटका दे रहे हैं। राज्य साइबर विभाग के अनुसार, बिजली बिल के माध्यम से हैकर्स लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। हैकर्स खुद को बिजली कंपनियों के कर्मचारी के रूप में पेश करते हैं। ये हैकर्स संदेश भेजते हैं कि अगर बिजली बिल का भुगतान नहीं किया जाएगा तो बिजली का कनेक्शन काट दिया जाएगा। इस तरह के मामले पिछले कुछ महीनों से बढ़ रहे हैं, जिसमें सैकड़ों नागरिक ठगी के शिकार हो चुके हैं। हैकरों के इस संदेश से मुंबई निवासियों को लाखों रुपए का करंट (चपत)लग रहा है। ऐसे संदेश को लेकर राज्य साइबर सेल ने लोगों को सावधान किया है।
मलबार हिल पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ६४ वर्षीय एक वरिष्ठ नागरिक ने ठगी की एक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि एक अज्ञात नंबर से संदेश मिला था, जिसमें दावा किया गया था कि उसका नंबर सरकार के पास पंजीकृत नहीं है, इसलिए उसे बिजली के बिल नहीं मिल रहे हैं। उसका बिजली कनेक्शन काटने की प्रक्रिया चल रही है। इससे बचने के लिए मोबाइल क्रमांक पंजीकृत कराना होगा। इसके बाद जालसाज ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से नंबर अपडेट करने के लिए टीमव्यूअर क्विक सपोर्ट ऐप डाउनलोड करने को कहा। ऐप पर विवरण भरने के बाद इसकी पुष्टि करने के लिए ३० रुपए का भुगतान करने के लिए कहा। इसके बाद शिकायतकर्ता के खाते से ५० हजार रुपए कट गए। एडीजी मधुकर पांडे ने लोगों से इस तरह के संदेशों में दिए गए नंबरों पर कॉल करने से पहले सतर्क  रहने और बिजली कंपनियों  से जांच करने का आग्रह किया है। अनजान नंबरों से प्राप्त ऐसे संदेशों के शिकार न हों, इसके बजाय उन्हें हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क  करना चाहिए।

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