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पहले देते ध्यान तो, नहीं जाती मरीजों की जान!

•  कलवा अस्पताल हादसे के बाद जागा प्रशासन
• अब की जा रही है ७२ नर्सों की भर्ती
सामना संवाददाता / ठाणे
कलवा अस्पताल में कुल ३० मरीजों की जान जाने के बाद आखिरकार ठाणे मनपा प्रशासन जाग उठा है। अब कलवा अस्पताल में ठेका पद्धति के तहत कुल ७२ नर्सों को भर्ती करने का निर्णय लिया गया है। अगर यह निर्णय पहले ही लिया गया होता तो शायद इतने मरीजों की जान नहीं जाती। बता दें कि पिछले हफ्ते कलवा अस्पताल में एक ही दिन में १८ मरीजों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद कलवा अस्पताल में अपर्याप्त मैनपावर सहित कई असुविधाओं का खुलासा हुआ था, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन को हर स्तर पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। अब राज्य सरकार ने अस्पताल में ८८० पदों को भरने की मंजूरी दी है। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले भी मनपा ने कई महत्वपूर्ण पदों को भरने की तैयारी की थी, लेकिन कम सैलरी के कारण कई लोगों ने काम करने से इनकार कर दिया था। इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने एक बार ठेका पद्धति के आधार पर रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इन पदों को सीधे इंटरव्यू के जरिए भरा जाएगा। इंटरव्यू २९ अगस्त की सुबह होगा। उम्मीदवारों ने कोरोना काल के दौरान नर्स के रूप में सेवा की है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी, ऐसा मनपा ने स्पष्ट किया है।
बढ़ेगी बेडों की संख्या
आनेवाले महीनों में कलवा अस्पताल में ५०० बेड बढ़ाए जाएंगे। इन बेडों के लिए भर्ती प्रक्रिया बाद में की जानी थी, लेकिन हादसे के बाद इन पदों की भर्ती जल्द से जल्द की जाएगी। कलवा अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने से स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पद भरे जाएंगे तो तनाव कम होगा और नागरिकों को भी राहत मिलेगी।

कलवा अस्पताल में कुल २१० नर्सों का पद मंजूर किया गया है, जिसमें से १८० पद भरे हैं और जबकि ३० नर्स के पद अभी भी खाली है।

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