मुख्यपृष्ठसमाचारअपने-अपने हनुमान, अपने-अपने अनुमान... बजरंगबली की जाति पर संग्राम!

अपने-अपने हनुमान, अपने-अपने अनुमान… बजरंगबली की जाति पर संग्राम!

योगी के मंत्री लक्ष्मी नारायण ने बताया जाट
सामना संवाददाता / मथुरा
सत्ता के नशे में चूर योगी के मंत्रियों ने अनाप-शनाफ बयान देकर देश में सांप्रदायिकता बढ़ाने का काम कर रहे हैं। भाजपा नेताओं के भी अपने-अपने हनुमान और अपने-अपने अनुमान हैं। हनुमान की जाति क्या थी? इसे लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। योगी सरकार में मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण का कहना है कि हनुमान जी जाट थे। ये पहला मौका नहीं है जब लक्ष्मी नारायण ने ऐसा बयान दिया हो। साल २०१८ में भी चौधरी लक्ष्मी नारायण ने हनुमान जी को जाट कहा था और इसी के बाद से हनुमान की जाति पर बहस शुरू हो गई थी।
भाजपा एमएलसी ने हनुमान को बताया था मुसलमान
भाजपा एमएलसी बुक्कल नवाब ने हनुमान को मुसलमान बताया था। तत्कालीन सांसद हरिओम पांडेय ने हनुमान को ब्राह्मण और जटायु को मुस्लिम बताया था। अब फिर चुनाव की सुगबुगाहट के बीच बजरंगबली पर बहस छिड़ गई है। पहले भी हनुमान की जाति को लेकर अलग-अलग बयान सामने आते रहे हैं। सबसे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने २७ नवंबर २०१८ को राजस्थान के अलवर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि हनुमान वनवासी, वंचित और दलित थे। वहीं, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंद कुमार साय ने दावा किया था कि भगवान हनुमान आदिवासी थे। अलवर में ३० नवंबर २०१८ को ही विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए आए केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह ने कहा था कि हनुमानजी दलित नहीं, आर्य नस्ल के थे।
बाबा रामदेव भी बता चुके हैं जाति
३० नवंबर २०१८ को बाबा रामदेव झारखंड की राजधानी रांची में थे। उनसे जब हनुमान जी की जाति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा हनुमान रामभक्त हैं। वे अष्ट सिद्धि के ज्ञानी होने के साथ-साथ क्षत्रिय भी हैं।

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