मुख्यपृष्ठस्तंभमेहनतकश : समाज की भलाई ही मेरा धर्म

मेहनतकश : समाज की भलाई ही मेरा धर्म

अनिल मिश्र
उल्हासनगर में हिंदू सिंधियों के मसीहा हैं दीपक मंगतानी रंगीला। रंगीला कहते हैं कि वे हिंदुत्ववादी विचारधारा के समर्थक हैं। इस्टेट एजेंट के व्यवसाय में व्यस्त रहनेवाले रंगीला इस्टेट एजेंट के साथ-साथ समाज सेवा व राजनीतिक विषयों में रुचि लेने के साथ ही पत्रकारिता जगत में भी लगातार अपनी सेवा देते रहे हैं। २००७ में सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया की उन्होंने सदस्यता ग्रहण की और सिंधियों के मुद्दों पर काम शुरू करनेवाले रंगीला ने २०१४ में ‘जय झूलेलाल संघर्ष सेवा समिति’ की स्थापना की। ‘जय झूलेलाल संघर्ष सेवा समिति’ में उनके साथ लगभग १०० सक्रिय सदस्य बने, जो शहर और समाज के हित में काम करते हुए सिंधी संस्कृति को भी बचाने का कार्य कर रहे हैं। संपूर्ण हिंदुस्थान में जहां-जहां भी सिंधी भाषी हैं, वहां-वहां ये संस्था पैâली हुई है और सिंधियों के हितों में काम करने में जुटी हुई है। शहर के हित के साथ-साथ सिंधियों के मुद्दों पर काम करनेवाले रंगीला ने सबसे पहले सिंधु भवन का मुद्दा उठाया, जो आज बनकर तैयार है। उसके बाद वैâलाश कॉलोनी स्थित जय झूलेलाल प्रवेश द्वार का मुद्दा उठाने के बाद उसका सौंदर्यीकरण किया गया। जनहित में कई बार टैक्स वृद्धि के विरोध में भी उन्होंने आंदोलन किया। अपने साथियों के साथ किए गए विरोध के चलते मनपा और सरकार को अपना हिटलरशाही पैâसला वापस लेना पड़ा। संगठन के मित्रों के साथ मिलकर उन्होंने ४,००० से ज्यादा झूलेलाल साई की मूर्तियां बांटी। इतना ही नहीं, माननीय हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे के विचारों से प्रेरित होकर रंगीला ने सिंधी हिंदू समाज से धर्मांतरण न करने की अपील करते हुए अपने इष्टदेव झूलेलाल साई में विश्वास रखने की मुहिम चलाने के साथ ही इसके लिए संघर्ष भी किया। आगे चलकर ‘जय झूलेलाल संघर्ष सेवा समिति’ से हजारों लोग जुड़े, जिसमें महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा रही। सिंधी समाज के सारे त्योहारों को बड़े ही धूमधाम से मनाने की अपील करने के साथ ही उन्होंने सारे त्योहारों को संगठन के माध्यम से आयोजित किया। अपनी मातृभाषा सिंधी को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने हमेशा ही सभी को अग्रसर रहने की सलाह दी। सिंधी सभ्यता और सिंधी साहित्य को कायम रखने के लिए रंगीला हर तरह से प्रयास कर रहे हैं। उनका ये प्रयास आज भी जारी है और आगे भी जारी रहेगा। सिंधी समाज की एकता के लिए अपना पूरा योगदान देनेवाले रंगीला सामाजिक कार्यो के साथ ही शहर के हितार्थ और सर्वधर्म समभाव की भावना के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

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