मुख्यपृष्ठनए समाचारमेहनतकश : साधारण स्कूल से फेलोशिप तक का सफर

मेहनतकश : साधारण स्कूल से फेलोशिप तक का सफर

आनंद श्रीवास्तव

जौनपुर के विष्णु हिमांशु रत्नम पांडे ने इंटरनेशनल विजिटिंग फेलोशिप हासिल कर अपने शहर का नाम रोशन किया है। जौनपुर के रेड रोज कॉन्वेंट स्कूल से शिक्षा की शुरुआत करनेवाले हिमांशु रत्नम पांडे को उनकी प्रतिभा के दम पर इस फेलोशिप के लिए चुना गया है।
हिमांशु की प्राथमिक शिक्षा रेड रोज कॉन्वेंट स्कूल, बड़ा गांव से हुई। हाई स्कूल सेंट पैट्रिक जौनपुर, इंटर मां दुर्गा इंटर कॉलेज जौनपुर व बीएससी, एमएससी बीएचयू वाराणसी से हुई है। हिमांशु पीएचडी (जियोलॉजिकल साइंस) से बीएचयू वाराणसी से कर रहे हैं।
उनकी इस उपलब्धि पर उनके पर्यवेक्षक डॉ. आशुतोष वैंâथोला एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ए.डी. सिंह सहित उनके प्रोफेसर टी.एन. सिंह, डायरेक्टर आईआईटी पटना ने उन्हें बधाई देते हुए उनके भविष्य के प्रयासों में बड़ी सफलता की कामना की है। विष्णु हिमांशु रत्नम पांडे की इस उपलब्धि से परिवार के सदस्य और दोस्त बहुत उत्साहित हैं। सभी का कहना है कि बचपन से ही उसमें प्रतिभा साफ छलकती थी। अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के चलते अपने छात्र जीवन में वो इस तरह की कई उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। जौनपुर के मेधावी व काशी हिंदू विश्वविद्यालय के रिसर्च स्कॉलर विष्णु हिमांशु रत्नम पांडे को यह इंटरनेशनल विजिटिंग फेलोशिप २०२० से २०२३ के दौरान भूस्खलन पर उनके प्रसिद्ध अनुसंधान कार्य के लिए प्रदान की गई। इसके लिए इन्हें इटली जाना होगा और उन्हें १,८००/- यूएस डॉलर प्रति माह फेलोशिप मिलेगी। पूर्व में भी उन्हें २०२० में एएपीजी (अमेरिका) से एल. ऑस्टिन (५०० यूएस डॉलर) फेलोशिप से भी सम्मानित किया गया था। आईआईटी जेम, गेट क्वॉलीफाई व जेआरएफ फेलोशिप प्राप्त विष्णु हिमांशु रत्नम पांडे, बड़ा गांव, मुंगरा बादशाह, जौनपुर के निवासी व रेड रोज कॉन्वेंट स्कूल के प्रबंधक एडवोकेट राजेश पांडे के पुत्र हैं।

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