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हड़ताल दबाने की कोशिश पड़ेगी भारी …सड़कों पर उतरने की है तैयारी

‘घाती’ सरकार को आंगनवाड़ी कर्मचारी संगठन की चेतावनी

सामना संवाददाता / मुंबई
‘घाती’ सरकार ने आदेश दिया है कि विभिन्न मांगों को लेकर चार दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहीं आंगनवाड़ी सेविकाओं को सेवा से हटा दिया जाए। इसके साथ ही आंगनवाड़ी केंद्र को अपने कब्जे में लेने का भी आदेश जारी किया गया है। सरकार के इस पैâसले से आंगनवाड़ी सेविकाएं आक्रामक हो गई हैं। ‘घाती’ सरकार को आंगनवाड़ी कर्मचारी संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि हड़ताल को दबाने की कोशिश की गई तो मजबूरन आंगनवाड़ी सेविकाओं को सड़क पर उतरकर ‘रास्ता रोको’ और ‘रेल रोको’ हड़ताल करना पड़ेगा। इस बीच उन्होंने अपनी मांगों को लेकर तीन जनवरी से आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने की घोषणा की है।
राज्य की आंगनवाड़ी सेविकाओं ने चार दिसंबर २०२३ से ग्रेच्युटी देने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, पारिश्रमिक बढ़ाने, पेंशन योजना लागू करने और उन्हें तुरंत मोबाइल फोन देने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है। एक महीने से चल रही हड़ताल को घाती सरकार द्वारा नजरअंदाज किए जाने के कारण आखिरकार करीब १० हजार आंगनवाड़ी सेविकाओं ने तीन जनवरी यानी सावित्रीबाई फुले जयंती के दिन आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने का पैâसला किया है। इस हड़ताल में आंगनवाड़ी सेविकाएं, सहायिकाएं और मिनी आंगनवाड़ी सेविकाएं शामिल हैं।
आंगनवाड़ी में बंद है आहार
आंगनवाड़ी में आहार वितरण बंद हो गया है। इसकी वजह से लाभार्थी आहार के साथ ही शिक्षा से वंचित हो गए हैं। ऐसे में इस सेवा को पूर्ववत रखने के लिए एकात्मिक बाल विकास सेवा योजना के आयुक्त ने वस्तुओं और सामानों की गिनती करते हुए सभी आंगनवाड़ियों को कब्जे में लेने का आदेश दिया है, लेकिन आंगनवाड़ी कर्मचारी संगठन ने इसका कड़ा विरोध किया है। इस बीच आयुक्त ने एक जनवरी को वीडियो मीटिंग में आंगनवाड़ी सेविकाओं को ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर सेवा से बर्खास्त करने के निर्देश दिए थे।
प्रदेश में हैं दो लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और रेफरल सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राज्यभर में पिछले ५० सालों से कार्यरत आंगनवाड़ियों में लगभग दो लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को १०,००० रुपए और सहायिकाओं को ५,५०० रुपए का मानधन मिलता है।

‘घाती’ सरकार के फैसले से फैली नाराजगी
‘घाती’ सरकार के राज में आयुक्त द्वारा लिए गए इस फैसले से आंगनवाड़ी सेविकाओं में नाराजगी है। महाराष्ट्र राज्य आंगनवाड़ी कर्मचारी संगठन के सचिव राजेश सिंह ने चेतावनी दी है कि अगर आंगनवाड़ी सेविकाओं को सेवा से हटाया गया तो हम सड़कों पर उतरेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही यदि आवश्यक हुआ तो हम ‘रास्ता भी रोकेंगे’।

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