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हरियाणा तो झांकी है : सत्ताधारियों की पूरी फिल्म बाकी है! … विपक्ष ने जताई चुनाव से पहले अराजकता की आशंका

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
हरियाणा में सांप्रदायिक दंगा होते ही विपक्ष अलर्ट हो गया है। राजनीतिक गलियारों में इस तरह की चर्चा है कि हरियाणा तो झांकी है, सत्ताधारियों की पूरी फिल्म बाकी है। असल में इसका कारण है २०२४ का लोकसभा चुनाव। इसे देखते हुए भाजपा इस तरह के दंगों का कार्ड खेल सकती है। ऐसे में विपक्ष को आशंका है कि चुनाव से पहले ऐसे दंगे कर भाजपा एंड कंपनी अराजकता पैâला सकती है।
बता दें कि हरियाणा के मेवात में धार्मिक जुलूस पर पथराव से दंगा शुरू हुआ जो देखते ही देखते गुरुग्राम तक पैâल गया। आंशका है कि इसे आसपास के यूपी, राजस्थान, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब जैसे संवेदनशील राज्यों तक फैलाकर वोटों के ध्रुवीकरण का कार्ड खेला जाएगा।
इन राज्यों में लोकसभा की १३७ सीटें हैं। खबर है कि इस हिंसा में दो पुलिसवालों समेत ५ लोगों की मौत हुई है।
दंगे में एक मस्जिद के इमाम की भी मौत हुई है। सपा व कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने भाजपा के इस गेमप्लान की निंदा की है। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, ‘भाजपा सरकार ने प्रदेश को पहले जातीय दंगों की आग में धकेला और अब धार्मिक दंगों की ज्वाला में हरियाणा का अमन चैन झुलसाया जा रहा है। आजादी के ७५ साल में पहली बार हरियाणा को धार्मिक दंगों की भेंट चढ़ाने की साजिश हो रही है। ये शांतिप्रिय हरियाणा के इतिहास में काला दिन है।’ सुरजेवाला ने कहा कि नूंह, मेवात, मानेसर और गुड़गांव से आ रही हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ और दंगे की खबरें अत्यंत चिंताजनक और दिल दहलाने वाली हैं। ये सीधे-सीधे कानून व्यवस्था का फेलियर और खट्टर सरकार की नाकामी का नतीजा है।

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