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अब घड़ी बंद हो गई है क्या? …निमंत्रण पत्र में `समय’ गायब …उपमुख्यमंत्री अजीत पवार पर कोल्हे ने कसा तंज

सामना संवाददाता / मुंबई
अपने चाचा शरद पवार से गद्दारी करके अजीत पवार ने राकांपा के नाम और चिह्न दोनों पर कब्जा जमा लिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता और राकांपा के दिग्गज नेता उनके साथ नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में उनकी जमीनी पकड़ भी कमजोर होती जा रही है। उनके चुनाव चिह्न घड़ी को लेकर कल शिरूर के सांसद अमोल कोल्हे ने जमकर चुटकी ली है। अमोल कोल्हे ने कहा कि अब लगता है घड़ी बंद होने लगी है। कोल्हे ने इस संदर्भ में एक पत्रिका पोस्ट करते हुए सोशल मीडिया पर चुटकी ली है। दरअसल, उक्त संसदीय क्षेत्र के मंचर इलाके में बनी एक इमारत के उद्घाटन के लिए छापी गई निमंत्रण पत्रिका पर कार्यक्रम का टाइम नहीं दर्शाया गया है। इस कार्यक्रम में राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, मंत्री दिलीप वलसे-पाटील भी उपस्थित होनेवाले हैं। इस आयोजन के लिए सरकारी निमंत्रण भेजा जा चुका है, लेकिन इसमें यह नहीं बताया गया है कि यह कार्यक्रम कब होगा, जिसका जिक्र करते हुए अमोल कोल्हे ने अजीत पवार की खिंचाई की है।
बता दें कि राकांपा में विभाजन के बाद ऐसी चर्चा थी कि शरद पवार के प्रिय सांसद अमोल कोल्हे अजीत पवार का समर्थन करेंगे, लेकिन कोल्हे ने शरद पवार के साथ बने रहने का रुख अपनाया। इसके बाद अजीत पवार और कोल्हे के बीच बहस और नोक-झोंक शुरू हो गई। एक बार अजीत पवार ने कोल्हे को चुनौती देते हुए कहा था कि वे देखेंगे कि शिरूर से कोल्हे वैâसे चुने जाएंगे। इसके बाद दोनों के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है और अब मौका मिलते ही कोल्हे ने अजीत पवार की चुटकी ली है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मुझे निमंत्रण पत्र मिला है, लेकिन इसमें ‘समय’ नहीं लिखा है। उन्होंने कहा कि क्या ‘क्लॉक’ बंद हो गई है। पुलिस भाइयों के लिए भी अच्छी बात है।

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