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पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर कहर!

पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ ‘गैर-नागरिक’ की तरह बर्ताव किया जाता है। पाकिस्तान में हिंदुओं, सिखों, बौद्ध, ईसाइयों और दूसरे अल्पसंख्यक धर्मों के लोगों का उत्पीड़न दुनिया ने देखा है। अल्पसंख्यकों के मसले को लेकर जो पाकिस्तान आज भारत को नसीहत दे रहा है, उसे खुद अपने यहां के अल्पसंख्यकों पर ध्यान देने की जरूरत है। रिपोर्ट के अनुसार होली के दिन ही पाकिस्तान में एक हिंदू डॉक्टर की उनके ड्राइवर ने हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि हत्या कर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। डॉक्टर धरम के कंपाउंडर ने बताया कि जब वे दोनों घर पहुंचे तो दोनों में कहासुनी हो गई और किसी बात को लेकर आरोपी ड्राइवर और डॉक्टर के बीच बहस हो रही थी। घटना की जानकारी डॉक्टर के कंपाउंडर ने पुलिस को दी। शुरुआती जांच के आधार पर शहर के एसएसपी अमजद शेख ने बताया कि आरोपी का नाम हनीफ लेघारी है। उन्होंने बताया कि जब वे (ड्राइवर और डॉक्टर धरम देव राठी) घर पहुंचे तो दोनों में कहासुनी हो गई थी। कंपाउंडर ने पुलिस को बताया कि खैरपुर मीर निवासी लेघारी ने हिंदू डॉक्टर की बेरहमी से हत्या कर दी और भाग गया।

बदतर हो रही अल्पसंख्यकों की हालत
पाकिस्तान में हिंदू हों, सिख हों या कोई और अल्पसंख्यक समुदाय सभी की हालत दयनीय है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ ‘गैर-नागरिक’ जैसा सलूक किया जाता है। उनको न वहां आवाज उठाने का हक है और न ही कोई कानूनी अधिकार है। पाकिस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थित बदतर होती जा रही है। टारगेट किलिंग्स, ईशनिंदा के मामले, जबरन धर्मांतरण और धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत फैलाने वाली बातें बढ़ गईं हैं।

दया भील की बेरहमी से की गई थी हत्या
पिछले साल दिसंबर महीने में पाकिस्तान के सिंध में एक दया भील नाम की हिंदू महिला की हत्या कर दी गई थी। हत्यारे ने उनके सिर को तन से अलग कर दिया था और उनका शव खराब हालत में बरामद किया गया था। दया भील की हत्या मामले में भारत सरकार ने पाकिस्तान को हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी थी।

मंदिरों में खुल गए दफ्तर-दुकानें
२०१४ में ऑल पाकिस्तान हिंदू राइट्स मूवमेंट ने एक सर्वे किया था। इस सर्वे में दावा किया गया था कि बंटवारे के समय पाकिस्तान में ४२८ मंदिर थे, लेकिन १९९० के दशक के बाद इनमें से ४०८ मंदिरों में खिलौने की दुकानें, रेस्टोरेंट, होटल्स, दफ्तर, सरकारी स्कूल या मदरसे खुल गए।

हर साल हजार लड़कियों का जबरन धर्मांतरण
पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की लड़कियों का अपहरण किया जाना, उनके साथ बलात्कार करना, बाद में शादी करके जबरन उनका धर्म बदलवा देना, ये सब आम है। अमेरिका की रिलिजियस फ्रीडम की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि यहां हर साल एक हजार से ज्यादा लड़कियों का जबरन शादी के बाद धर्मांतरण करवा दिया जाता है।

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