मुख्यपृष्ठस्तंभवह फिर से जिंदा हो गया! शिव ने बताया मौत का अनुभव

वह फिर से जिंदा हो गया! शिव ने बताया मौत का अनुभव

जीने के प्रति बदल गई धारणा

मनमोहन सिंह

साउथ ईस्ट लंदन, ९ फरवरी, २०१३। साठ साल के ब्रिटिश स्टेज एक्टर शिव ग्रेवाल अपने घर, बीवी एलिसन के साथ लंच कर रहे थे। अचानक उन्हें अपनी छाती में दर्द महसूस हुआ। उनकी बीवी एलिसन ने तुरंत मदद के लिए एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कार्डियक अरेस्ट के चलते शिव की धड़कन बंद हो चुकी थी। यह शिव का सौभाग्य ही था कि उन्हें मृत घोषित करने के बाद मेडिकल सपोर्ट से उनकी धड़कनें चलने लगीं। वह फिर से जिंदा हो गए! हालांकि, इलाज के दौरान शिव मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी (सेरेब्रल हाइपोक्सिया) के कारण एक महीने के लिए कोमा में चले गए थे।
हिंदुस्थानी मूल के ब्रिटिश एक्टर ग्रेवाल ने सात मिनट के मौत के अनुभव के बारे में मीडिया को बताते हैं, `मुझे किसी तरह पता था कि मैं मर चुका हूं। मैंने महसूस किया कि चीजें मेरे शरीर से बिल्कुल अलग हैं। यह ऐसा था, जैसे मैं शून्य में था लेकिन भावनाओं और संवेदनाओं को महसूस कर सकता था। मेरे पास ऐसा कोई शरीर नहीं था। मुझे लग रहा था कि यह कुछ-कुछ पानी में तैरने जैसा था, आप भारहीन महसूस करते हैं और भौतिक दुनिया से अलग हो जाते हैं।’
शिव उस दर्दनाक घटना से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं, वह स्वीकारते हैं कि मौत का सामना करने से जीवन के प्रति उनकी धारणा बदल गई है।
ठीक होने के बाद वे शिवा आर्ट के जरिए अपनी भावनाएं और संवेदनाएं प्रदर्शित कर रहे हैं। लंदन के कर्मा सैंक्टम सोहो होटल में `रिबूट’ टाइटल के तहत उनका आर्ट कलेक्शन का प्रदर्शन चल रहा है। शिव कहते हैं कि मैं सोचता था कि इंसान के विकास को और बेहतर बनाने के लिए मेहरबानी बहुत जरूरी है, लेकिन इस अनुभव के बाद से मैं इसे अपने भीतर बहुत गहराई से महसूस करता हूं और यही जीवन की सच्चाई है।
चंद्रयान-३ से १० साल पहले चांद पर जाकर आ चुका शख्स

चांद पर जाने के मिशन में रूस की नाकामी और भारत के चंद्रयान की कामयाबी के बीच एक बड़ी ही रोचक कहानी सामने आई है। लंदन में रह रहा भारतीय मूल का एक शख्स चंद्रयान-३ से बहुत पहले चांद पर जाकर आ चुका है। उसने बहुत ही हैरान करने वाले खुलासे भी किए हैं। इतना ही नहीं, अब अपने एक्सपीरियंस को पेंटिंग के सहारे लोगों को बताते रहते हैं। शिव ने अपोना अनुव शेयर करते हुए कहा कि एक समय ऐसा लगा मानो वे चंद्रमा पर यात्रा कर रहे थे और उल्कापिंड और संपूर्ण अंतरिक्ष देख रहे थे। उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था, जैसे संभावनाओं, विभिन्न जीवन और पुनर्जन्मों का एक पूरा सेट उन्हें पेश किया जा रहा था। शिव के अनुसार, उन्होंने उस पेशकश को ठुकराते हुए कहा, `मैं अपने शरीर, अपने समय, अपनी पत्नी के पास लौटना चाहता हूं और जीवित रहना चाहता हूं।’

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