मुख्यपृष्ठग्लैमरमेरी काबिलियत उन्होंने पहचानी! -भूमिका चावला

मेरी काबिलियत उन्होंने पहचानी! -भूमिका चावला

फिल्म ‘तेरे नाम’ की सफलता के बाद भूमिका चावला न तो सलमान खान के साथ दोबारा नजर आईं और न ही उन्होंने बहुत ज्यादा तादाद में हिंदी फिल्मों में काम किया। साउथ की फिल्मों में सुपर स्टार अभिनेत्री की भूमिका में हमेशा अव्वल रहनेवाली भूमिका चावला की फिल्म ‘ऑपरेशन रोमियो’ की काफी तारीफ हो रही है। इस फिल्म में भूमिका ने एक मराठी महिला का किरदार निभाया है। पेश है, भूमिका चावला से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

फिल्म ‘ऑपरेशन रोमियो’ को स्वीकारने की क्या वजह रही?
दरअसल, ये फिल्म एक मलयालम फिल्म ‘इश्क’ का हिंदी रीमेक है। ‘इश्क’ की सफलता के बाद जब इस फिल्म को हिंदी में बनाने की योजना बनी तो निर्माता नीरज पांडे ने मुझे इसका ऑफर दिया। एक उम्दा चैलेंजिंग किरदार और साथ में शरद केलकर जैसे एक बेहतरीन अभिनेता के साथ काम करने का मौका मिला तो मैंने कहानी और किरदार के बारे में जानकर फिल्म के लिए हामी भर दी।

 इस किरदार की विशेषता क्या है?
मेरा किरदार एक मराठी मिडल क्लास महिला का है। वक्त आने पर आम महिला वैâसे खास महिला का रूप धारण कर लेती है यह फिल्म और किरदार का मुख्य सार है।

 मराठी महिला का किरदार निभाने के लिए आपको किस तरह की तैयारी करनी पड़ी?
मैं मराठी भाषा जानती हूं लेकिन सही उच्चारण के लिए फिल्म के निर्देशक ने मुझे अपनी एक मराठी सहायक से मिलवाया, जिन्होंने मुझे मराठी के संवादों की प्रैक्टिस करवाई। फिल्म का रिस्पॉन्स देखकर लगता है कि हम सबकी मेहनत रंग लाई है।

आपके जीवन में आपकी मां का कितना योगदान रहा है?
मेरी मां एक बेहद नर्मदिल और मृदुभाषी महिला थीं। मेरे जीवन पर उनका गहरा प्रभाव है और हमेशा रहेगा। २०२० में जब कोविड की शुरुआत हुई मैं हैदराबाद में शूटिंग कर रही थी। शूटिंग खत्म कर जब मैं पिताजी के साथ देवलाली अपने मायके पहुंची तो मुझे बहुत रोना आया। २०१९ में मेरी मां का देहांत हो गया था। मेरी मां ने मुझे हमेशा प्रोत्साहित किया और मेरे मन में आशा और उम्मीद का दीया हमेशा जलाए रखा।

 ‘तेरे नाम’ जैसी कामयाब फिल्म के बाद कम हिंदी फिल्में करने के साथ ही आप दोबारा सलमान खान के साथ नजर नहीं आईं?
अगर मैं कहूं कि हिंदी फिल्मों में कम नजर आना या सलमान खान जैसे सुपर स्टार के साथ आगे फिल्मों में मौका न मिलना ये शायद मेरे मुकद्दर में ही लिखा था। फिल्म ‘जब वी मेट’ का ऑफर मुझे मिला था। लेकिन गीत ढिल्लन का ये लाइफ टाइम रोल करीना कपूर ने निभाया और फिल्म माइलस्टोन साबित हुई। इस फिल्म को साइन करने के बाद फिल्म कुछ सालों के लिए होल्ड पर चली गई। फिर पता चला कि फिल्म का पुराना सेटअप बदल गया और नए सेटअप में मैं नहीं थी। बॉलीवुड के मेकर्स इस गलतफहमी में रहे कि मैं सिर्फ साउथ की फिल्म करना चाहती हूंं। ऐसी ही कुछ वजहें रहीं, जिसके चलते मेरे हाथों से कई अच्छी फिल्में छूट गर्इं।

क्या आपको लगता है हिंदी फिल्मों की तुलना में साउथ की फिल्मों ने आपको अच्छा प्लेटफॉर्म दिया?
साउथ की फिल्मों में मैं सुपरस्टार मोहनलाल की हीरोइन रही। मैं साउथ में हमेशा सशक्त, मध्यवर्ती और कॉमेडी से लेकर इमोशनल रोल निभाती रही हूं। साउथ की फिल्मों ने हमेशा से मुझे बहुत अच्छा प्लेटफॉर्म दिया और उन्होंने मेरी काबिलियत को पहचाना।

क्या जल्दी शादी करने से आपका करियर प्रभावित नहीं हुआ?
मुझे ऐसा नहीं लगता, बल्कि मैं कहूंगी कि इस दौर में आलिया भट्ट, अनुष्का शर्मा, दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा जैसी सभी अभिनेत्रियां विवाहित हैं और विवाह के बाद भी अपना करियर अच्छे से मैनेज कर रही हैं। अब वो समय नहीं रहा जब अभिनेत्रियों के करियर में उनकी शादी एक रोड़ा थी।

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