मुख्यपृष्ठग्लैमर‘उन्होंने मुझे और मैंने उन्हें समझा!’-लुबना सलीम

‘उन्होंने मुझे और मैंने उन्हें समझा!’-लुबना सलीम

  1. ‘आम आदमी’ का चौथा सीजन करने की क्या वजह रही?
    हम लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जीते जा रहे हैं। हम में से किसी को भी यह एहसास नहीं कि हमारे जीवन में कितना हास्य भरा है। जीवन को थोड़े से हलके-फुलके अंदाज में देखने का नजरिया होना चाहिए, जो बहुत कम लोगों में होता है। वेब शो ‘आम आदमी’ जीवन के हर पहलुओं पर कटाक्ष करता है। जीवन की आपाधापी में दो पल हंसने-हंसाने के मिल जाएं तो क्या जीवन खुशनुमा नहीं होगा?
  2. कहानी का टॉपिक क्या है?
    मिसाल के तौर पर हर दूसरे भारतीय घरों में बंटवारा होता है। घर के बुजुर्ग चले जाते हैं और फिर उनके बाद की दूसरी-तीसरी पीढ़ी में अलगाव होता है। अलगाव अपने साथ तीव्र मतभेद, बहस, झगड़े, बातचीत बंद जैसे कई इश्यूज को जन्म देता है। इसी कॉमन टॉपिक पर ‘आम आदमी’ शो कितना हंसाता है, यह शो देखने के बाद ही पता चलेगा
  3. आपने करियर से ब्रेक क्यों लिया था?
    मेरी जिंदगी हमेशा अच्छी तरह से बीती। मुझे जो कुछ भी मिला, उसी में मैं संतुष्ट थी। मैं कभी अति महत्वाकांक्षी नहीं रही। ओवर एंबीशियस होना कभी-कभी आपको तनाव देता है। मेरे पिता जावेद सिद्दीकी नामी लेखक हैं और मां फरीदा सिद्दीकी सीनियर कॉस्ट्यूम डिजाइनर हैं। मेरा एक भाई मुराद प्रोड्यूसर और दूसरा भाई समीर लेखक है। मेरा परिवार ही क्रिएटिव है। इन सभी से मुझे बहुत अच्छी तालीम, संस्कार सहित प्रतिभा विरासत में मिली। जब थिएटर आर्टिस्ट और लेखक-निर्माता सलीम आरिफ से मेरी शादी हुई तो उन्होंने भी अभिनय के लिए मुझे प्रोत्साहित किया। दो बेटों के जन्म के बाद उनकी परवरिश के लिए मैंने अभिनय से थोड़ा ब्रेक लिया था, ताकि मैं बच्चों पर ध्यान दे सकूं।
  4. घर-परिवार मैनेज करते हुए टीवी-स्टेज जैसे क्षेत्र में काम करना कैसे संभव हुआ?
    यह एक बहुत अच्छा संयोग रहा कि मेरे पति सलीम आरिफ भी कला क्षेत्र से ही जुड़े हैं। जब आपका पार्टनर भी उसी प्रोफेशन से जुड़ा हो तो दोनों एक-दूसरे के काम को बेहतर समझ सकते हैं। इसलिए ऐसा कभी नहीं हुआ कि मैंने घर पर दाल-चावल ही पकाया तो मुझसे किसी ने यह सवाल नहीं पूछा कि मैंने सब्जी या रोटी क्यों नहीं बनाई? अगर वैवाहिक रिश्ता शांति से निभाना है तो उसे समझौते से साथ आगे बढ़ाना ही चाहिए। कुछ समझौते मैंने किए तो कुछ मेरे पति सलीम आरिफ ने किए तो बच्चों ने हम दोनों का साथ दिया। परिवार सुकून से जिंदगी जी पाया।
  5. लेकिन ज्यादातर अभिनेत्रियां महत्वाकांक्षी नजर आती हैं। इस बारे में आपके क्या विचार हैं?
    ऐसी कई अभिनेत्रियां हैं जिन्होंने ब्रेक लेने के बाद अपना करियर नए सिरे से शुरू किया, जिसे पुनर्वापसी कहते हैं। यह तो अभिनेत्री पर निर्भर करता है कि वो विवाह और मातृत्व के बाद अपने करियर को किस तरह प्लान करती है। करियर और घर के बीच संतुलन किस तरह बनाती है। अपने करियर को प्राथमिकता देना जहां मैं गलत नहीं मानती, वहीं दूसरी ओर परिवार और बच्चों की खातिर करियर को बैक सीट पर रखने को भी मैं गलत नहीं मानती। यह हर व्यक्ति की अपनी सोच है। अभिनेत्री शर्मिला टैगोर से लेकर इस पीढ़ी की अनुष्का शर्मा तक सभी ने अपने जीवन की प्रायोरिटीज का संतुलन रखा और वे आज भी अपने करियर में सक्रिय हैं। लेकिन लड़की को अगर उसके परिवार से सपोर्ट नहीं मिला तो वो जीवन में आगे नहीं बढ़ सकती यह सच्चाई है।
  6. एक ही क्षेत्र में होने के कारण क्या कभी पति सलीम आरिफ और आपके बीच ईगो का टकराव नहीं हुआ?
    फिल्म ‘अभिमान’ जैसी सिचुएशन नहीं हुई और न ही कभी हमारे ईगो टकराए। हम दोनों एक साथ स्टेज के लिए काम करते जा रहे हैं। एक ही क्षेत्र में काम कर रहे हैं इसलिए यहां की मुश्किलें समझ रहे हैं। मैं इस बात को स्वीकारती हूं कि हम दोनों में लड़ाइयां और मतभेद हुए हैं, लेकिन फॉर शॉर्ट टाइम। हमारे विवाद ऐसे कभी नहीं रहे जिससे जीवन पर फर्क पड़े। उन्होंने मुझे और मैंने उन्हें समझा।

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