मुख्यपृष्ठसमाचारस्वास्थ्य विभाग को सामाजिक संस्थाओं का सहारा!

स्वास्थ्य विभाग को सामाजिक संस्थाओं का सहारा!

-हार्ट अटैक से बचाने के लिए दिया जाएगा सीपीआर प्रशिक्षण

सामना संवाददाता / मुंबई

कोरोना के बाद जीनवशैली और खान-पान में तेजी से आए बदलाव के कारण दिल के रोगियों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के साथ ही कई सामाजिक संस्थाएं भी दिल की बीमारियों को लेकर लोगों में जन जागरूकता पैदा कर रहीं हैं। दूसरी तरफ हार्ट अटैक के मामलों को देखते हुए हर किसी को सीपीआर प्रशिक्षण देने की जरूरत है। इसे ध्यान में रखते हुए चिकित्सा विशेषज्ञों का एक समूह विशेष फंड एकत्र करने में जुटा हुआ है। इस फंड से वे लोगों को सीपीआर का प्रशिक्षण देंगे। साथ ही मुंबई में अलग-अलग स्थानों पर करीब १८८ मशीनें लगाई जाएंगी। इससे कई की जान बचाई जा सकेगी।
मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में कार्डियक अरेस्ट के बारे में जागरूकता पैदा किया गया। इसके साथ ही इस कार्यक्रम में फंड इकट्ठा किया गया। इस फंड के इस्तेमाल से ८८ रेलवे स्टेशनों और १०० मेट्रो स्टेशनों के साथ ही सार्वजनिक स्थानों समेत कुल १८८ ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा एक लाख की इस मशीन को दान करने का विचार रखनेवालों से संपर्क करके मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। बताया गया है कि ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर मशीन का उपयोग जीवन बचाने और अचानक हृदय गति रुकने पर मरीज को त्वरित सीपीआर सहायता प्रदान करने के लिए किया जाएगा।
जीवन रक्षक उपकरण है एईडी
रोटरी क्लब ऑफ बॉम्बे एयरपोर्ट के अध्यक्ष और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अक्षय मेहता ने कहा कि कार्डियक अरेस्ट के बाद पहले कुछ मिनटों में एईडी मशीन का इस्तेमाल किया जा सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञ एईडी मशीनें सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं। एईडी एक जीवन रक्षक उपकरण है, जिसे विशेष रूप से हृदय संबंधी आपात स्थिति में हृदय को सक्रिय करने के लिए डिजाइन किया गया है। रोटरी क्लब पहले ही लगभग १० एईडी मशीनें दान कर चुका है। इस पहल को बड़े पैमाने पर विस्तारित करने का प्रयास किया जा रहा है।

अन्य समाचार