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‘नर और मादा’ मच्छरों में उलझ गए स्वास्थ्य मंत्री! भुजबल ने ‘हाथी रोग’ पर पूछा सवाल

सामना संवाददाता / मुंबई
विधानसभा में कल स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत फिर विपक्ष के सवालों में उलझ गए। राकांपा विधायक छगन भुजबल ने यह कहकर सावंत के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी कि सरकार द्वारा कराए गए मच्छरों के वर्गीकरण में कितने नर और मादा मच्छर पाए गए हैं? उसमें नर मच्छर ज्यादा खतरनाक हैं कि मादा? क्या मच्छरों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है? भुजबल के इन सवालों को लेकर सावंत भौंच्चके रह गए।
दरअसल, प्रश्नकाल के दौरान पालघर में बच्चों में फैले ‘हाथी रोग’ की बीमारी को लेकर पूछे गए सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत गुरुवार को समुचित जवाब नहीं दे सके थे, इसलिए यह सवाल सोमवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया गया था। इसे लेकर शिंदे-फडणवीस सरकार की जग-हंसाई हुई थी। सोमवार को यह मसला फिर सदन में आया। पालघर जिले में हाथी पांव के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के संबंध में सावंत ने सदन में जवाब दिया। उन्होंने मच्छरों के वर्गीकरण की जानकारी दी। इसी बीच भुजबल ने सवाल उठाया कि सरकार ने कुल कितने मच्छर पकड़े हैं? कितने मच्छरों के काटने की सूचना मिली है? क्या इसका विवरण उपलब्ध है? क्या मच्छर विच्छेदन की रिपोर्ट प्राप्त हुई है? पूर्व मंत्री भुजबल ने ऐसे कठिन सवाल पूछे, जिससे स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत असमंजस में पड़ गए। मच्छरों के नर और मादा वाले सवाल और दुविधा में पड़े स्वास्थ्य मंत्री सावंत को लेकर सदन में खूब हंसी के ठहाके लगे।
बता दें कि अक्टूबर २०२१ को कराए गए सर्वेक्षण में पालघर में ८० बच्चे हाथी रोग से ग्रसित पाए गए थे। मच्छरों से होनेवाला यह रोग बेहद घातक होता है। इससे शरीर विकृत और असक्षम हो जाता है। अभी तक इस बीमारी का कारगर इलाज नहीं है। बीते गुरुवार को सदन में प्रश्नकाल के दौरान इस मसले को लेकर राज्य सरकार द्वारा बनाई गई उपाए योजनाओं को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए थे। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री सावंत इस पर समुचित जवाब नहीं दे सके थे।

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