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पौष्टिक आहार से पुष्ट हुए मरीज!…सरकारी अस्पतालों में दो सालों में तेजी से ठीक हुए रोगी

सामना संवाददाता / मुंबई। ठाणे और पालघर जिले में स्थित सरकारी कोविड अस्पतालों में संक्रमित रोगियों को फल, हरी सब्जी, मांसाहार, मिष्ठान सहित कई तरह के उत्तम आहार बीते दो सालों से दिए जा रहे हैं, इसका नतीजा यह रहा कि सरकारी अस्पतालों में भर्ती रोगी तेजी से ठीक होकर पूर्ण स्वस्थ हुए हैं। साथ ही महामारी से मरनेवाले रोगियों की संख्या भी बहुत कम रही, वहीं पालघर जिले में संक्रमितों को उच्च गुणवत्ता वाला आहार सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराने में शिवसेना की सरपंच लक्ष्मी चांदणे का अहम योगदान रहा है। मतलब पौष्टिक आहार के कारण ही मरीज पुष्ट (मजबूत) हुए हैं।

पहली लहर में गंभीर थी स्थिति
सिविल अस्पताल की डाइटीशियन प्रिया गुरव ने कहा कि कोरोना महामारी की पहली लहर में स्थिति बहुत ही विकट थी। विक्रमगढ़ तहसील में स्थित सबसे बड़े रिवेरा अस्पताल को राज्य सरकार ने कोविड रोगियों के उपचार के लिए अपने अधीन कर ले लिया था, जहां पालघर के दुर्गम क्षेत्रों से मरीज भर्ती होने के लिए आ रहे थे। हालांकि, उस दौरान पूर्ण तालाबंदी के चलते खाद्य सहित जरूरी सामान नहीं मिल रहे थे। ऐसे में बोईसर की ’राजश्री शाहु नागरी सेवा संस्था’ की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद खाद्य सामग्रियों सहित बर्तन, एक रसोइए आदि का प्रबंध किया गया। उसकी मदद से अस्पताल में भर्ती होनेवाले ३५० मरीजों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा था।
७५ हजार रोगियों ने लिया लाभ
प्रिया गुरव ने कहा कि ठाणे जिला सरकारी अस्पताल में बीते दो सालों में करीब ७५ हजार से अधिक मरीजों को उत्तम आहार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि भोजन में न्यूट्रीशियन और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को लेकर खासा खयाल रखा गया। रोगियों को चावल, दाल, हरी सब्जी, फल, पूरन-पोली, मांसाहारी, अंडा, गुलाब जामुन, खीर, सेवइयां सहित कई तरह के खाद्य पदार्थ दिए गए हैं। गुरव ने कहा कि अंदेशा लगाया जा रहा है कि चौथी लहर आ सकती है। ऐसे में इससे भी लड़ने और संक्रमित रोगियों को उत्तम भोजन खिलाने के लिए तैयारी हैं।

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