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एम्स में जल्द शुरू होगा हार्ट ट्रांसप्लांट

सामना संवाददाता / मुंबई

नागपुर समेत देश के २२ एम्स शिक्षा, इलाज और मेडिकल रिसर्च पर फोकस कर रहे हैं। इसके साथ ही २२ एम्स में से ९ में निदेशक के खाली पद को भरने की प्रक्रिया चल रही है। यहां मापदंड के अनुरूप अधिकारी नहीं मिलने के कारण यह पद रिक्त है। इस बीच बताया गया है कि एम्स नागपुर ने किडनी और बोन मैरो प्रत्यारोपण पर अच्छा काम किया। ऐसे में यहां जल्द ही हार्ट ट्रांसप्लांट और कॉकलियर इंप्लांट शुरू किया जाएगा।
मरीजों के हित को प्राथमिकता देते हुए हर राज्य में एक एम्स का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में सेवारत २२ एम्स में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अपनी स्थापना के बाद से अकेले नागपुर एम्स ने ओपीडी विभाग में १२ लाख रोगियों का इलाज किया है। इनमें से ५ लाख मरीज २०२३ के हैं। यहां के ओपीडी में अक्सर प्रतिदिन साढ़े तीन हजार मरीज पंजीकृत होते हैं। आईपीडी में अब तक ४३,९०३ मरीजों को उपचार मिल चुका है। यहां अब तक १२ से अधिक किडनी की और २०० से अधिक वूâल्हे और घुटने की प्रत्यारोपण सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। यहां ५ मरीजों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट भी किया गया है। एम्स प्रशासन जल्द ही यहां हार्ट ट्रांसप्लांट और कॉक्लियर इंप्लांट की सुविधा शुरू करने का प्रयास कर रहा है। कॉक्लियर इम्प्लांट से बहरे हो चुके मरीजों को काफी फायदा होगा।
वर्तमान में मधुमेह और उच्च रक्तचाप सहित जीवनशैली से संबंधित बीमारियों के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने इन मरीजों पर फोकस किया है। इसके मुताबिक, देश में डेढ़ लाख वेलनेस सेंटर बनाए गए हैं। यहां ३० साल से ऊपर के व्यक्ति का अनिवार्य रूप से टेस्ट किया जाएगा, जिसमें मधुमेह, रक्तचाप, किडनी, हृदय रोग, मुंह, स्तन और गर्भाशय, ग्रीवा के वैंâसर की जांच शामिल होगी।

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