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कहर बरपा रहा हीट स्ट्रोक… अलर्ट मोड पर महाराष्ट्र

 ११ की हुई मौत, सैकड़ों का हो रहा इलाज
 जिला स्तरीय समितियों को सतर्क रहने के निर्देश
सामना संवाददाता / मुंबई। महाराष्ट्र में हीट स्ट्रोक कहर बरपा रहा है। ४० डिग्री पार पहुंच चुका गर्मी का पारा आग उगल रहा है। इससे अब तक ११ लोगों की मौत हो चुकी है। इतना ही नहीं १०० से अधिक ऐसे लोग हैं, जो हीट स्ट्रोक के शिकार हुए हैं और उनका अस्पतालों में इलाज चल रहा है। ऐसे में चढ़ते पारे को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार पहले से ही अलर्ट मोड पर काम कर रही है। इसी क्रम में राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने सभी मनपाओं, नपाओं और नगर पालिकाओं को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जिला स्तरीय समन्वय समिति स्थापित करने का भी निर्देश मनपा आयुक्तों को दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. प्रदीप व्यास के मुताबिक हीट स्ट्रोक कृति प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया जारी है।
हीट स्ट्रोक से जूझ रहा है विदर्भ और मराठवाड़ा
डॉ. प्रदीप व्यास के मुताबिक हीट स्ट्रोक से सबसे अधिक विदर्भ और मराठवाड़ा के लोग जूझ रहे हैं। यहां मृतकों की संख्या अधिक है। ऐसे में कृति प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया शुरू है। इसके साथ ही भीषण और जानलेवा गर्मी से बचने के लिए मार्गदर्शक सूचनाएं तय की जा चुकी हैं, जिसका पालन करने का निर्देश मनपाओं और नपाओं को दी गई है। हीट स्ट्रोक की परिस्थिति से निबटने के लिए नोडल अधिकारी की भी नियुक्ति की जाएगी।
अस्पतालों में स्वतंत्र प्रबंध
डॉ. व्यास के मुताबिक अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों का उपचार करने के लिए स्वतंत्र कक्ष की स्थापना की जाएगी। इसमें जरूरत के अनुसार एसी, कूलर और पंखे लगाए जाएंगे। वहीं बीमारी के इलाज में उपयुक्त लोरोजेमैप और डायजेमैप नामक दवाओं का समुचित मात्रा में भंडारण किया जाएगा। इतना ही नहीं हीट स्ट्रोक के शिकार मरीजों को एंबुलेंस में ठंडे पानी और आइस पैक का भी प्रबंध किया जाएगा। डॉ. व्यास के अनुसार इस संदर्भ में निर्देश दिए गए हैं। बस, रेलवे स्टैंड, बाजारों, धार्मिक स्थलों, बैंकों, पेट्रोल पंपों, मुख्य मार्गों आदि सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल का प्रबंध करने की सूचनाएं दी गई हैं। छाया में आराम के लिए स्थान तैयार करने, कार्यालयों और स्कूलों के कामकाज के समय में बदलाव करने, बागीचों, धार्मिक स्थलों, धर्म शालाओं को लोगों के लिए खुला रखने, टेरेस पर ऊष्मा विरोधी रंग लगाने आदि को लेकर लोगों को जागरूक करने का भी निर्देश दिया गया है।
मुंबई में भी पड़ रहा असर
जेजे अस्पताल में मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. मधुकर गायकवाड़ ने कहा कि मुंबई के तापमान में भी वृद्धि हुई है। इसका असर मुंबईकरों पर पड़ रहा है। लोगों को चक्कर आना, उल्टी और कुछ भी पीने पर जुलाब जैसी दिक्कतें होने लगी हैं। अस्पताल में ७ से ८ फीसदी मरीज हीट स्ट्रोक की समस्या से संबंधित शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
हीट स्ट्रोक से हुई अब तक मौतें
हीट स्ट्रोक से धाराशिव में एक, हिंगोली में एक, संभाजीनगर में एक, जलगांव में तीन, अकोला में एक, अमरावती में एक और नागपुर में दो की मौत हो चुकी है।

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