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यूपी में लू का कहर…राज्य के अस्पताल अलर्ट मोड पर…दोपहर एक से चार बजे तक खुले में काम करने पर लगी रोक

-यूपी ने हीट वेव एक्शन प्लान तैयार कराएगी गुजरात की कंपनी से!

सामना संवाददाता / लखनऊ

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, यूनिसेफ यूपी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ गांधीनगर, गुजरात एक साल में लखनऊ का हीट वेव एक्शन प्लान तैयार करेगी। लोकसभा चुनाव के दौरान गर्मी और लू को देखते हुए यूपी के सभी अस्पतालों को अलर्ट जारी हुआ। प्रदेश के सभी चिकित्साधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। वॉर्ड में कूलिंग की व्यवस्था रखने और लू संबंधी सभी दवाएं पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में तापमान में लगातार बढो़तरी हो रही है। मौसम विभाग ने सप्ताहभर लू का प्रभाव अधिक रहने की चेतावनी दी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने राज्य के मुख्य चिकित्साधिकारियों, चिकित्सा अधीक्षक एवं अन्य अधिकारियों को भेजे निर्देश में कहा कि गर्मी और लू को लेकर पहले से जारी निर्देश का पूरी तरह से पालन किया जाए। इमरजेंसी वॉर्ड एवं अन्य वॉर्डों में कूलर, पंखा और एसी को दुरुस्त रखा जाए। जहां दवाएं कम हों, उन्हें तत्काल मंगवा लिया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर शुद्ध एवं ठंडा पानी की व्यवस्था कराने, गर्मी से बचाव के लिए शेलटर्स की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं।
राजधानी में गर्मी व हीट वेव से बचाव के लिए उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और नगर निगम के बीच बुधवार को स्मार्ट सिटी के ऑफिस में हुई विशेष बैठक में अहम फैसले लिए गए। इसके तहत अब शहर में दोपहर एक से चार बजे तक निर्माण इकाइयों पर खुले में काम नहीं किया जाएगा।
साथ ही किसी भी व्यस्त चौराहे पर दो मिनट से ज्यादा देर तक ट्रैफिक नहीं रोका जाएगा। जिन चौराहों पर ट्रैफिक हल्का है, वहां सिग्नल ब्लिंक मोड पर रहेंगे। यानी ट्रैफिक नहीं रुकेगा। नगर निगम के सभी जोनल ऑफिसों और कूलिंग सेंटर पर लोगों के लिए ओआरएस के पैकेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
कार्ययोजना बनने के बाद नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने बताया कि चौराहों पर सिग्नल की व्यवस्था को लेकर यातायात पुलिस को पत्र भेजा जा रहा है। ओआरएस के पांच हजार पैकेट मंगवाए गए हैं। लोगों से अपील की है कि धूप में निकलने से बचें, अगर निकलें तो छाता लेकर जाएं। बैठक में बनी कार्ययोजना को फिलहाल 15 दिन के लिए लागू किया जाएगा। बैठक में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की निदेशक डॉ. कनीज फातिमा, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ (आईआईपीएच) गांधीनगर के प्रो. डॉ. महावीर प्रसाद सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी भी थे।

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