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हेल्पलाइन नंबर हेल्पलेस! …नागरिकों को आपातकालीन नंबरों पर संपर्क करने में हो रही परेशानी

लोगों की सुरक्षा को लेकर खड़ा हो रहा बड़ा सवाल
संदीप पांडेय / मुंबई
नागरिकों को आपातकालीन स्थिति में उनकी सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा १००, ११२ और महिलाओं की सुरक्षा के लिए १०३ जैसे आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, ताकि नागरिक किसी भी प्रकार की मुसीबत में फंसने के बाद इन नंबरों पर संपर्क करके मदद ले सकते हैं, लेकिन अब इन आपातकालीन नंबरों को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। आपातकालीन स्थिति में हेल्पलाइन नंबर हेल्पलेस जैसे हो गए हैं, क्योंकि इन पर संपर्क नहीं हो पाता है। मुंबई में ऐसी शिकायतें सोशल मीडिया साइट्स पर आए दिन देखने को मिलती रहती हैं। इसके बावजूद मुंबई पुलिस के इन हेल्पलाइन नंबरों में तीव्रता देखने के बजाय सुस्ती देखी जा रही है। अब ऐसे में सवाल यह है कि क्या मुंबई पुलिस को नागरिकों की सुरक्षा का जरा भी ख्याल नहीं है?
हाल ही में एक महिला ने आपातकालीन स्थिति में पुलिस प्रशासन के आपातकालीन नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। रेशमा नाम की एक महिला ने इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया नेटवर्किंग साइट एक्स पर दी है। महिला ने जानकारी देते हुए बताया कि उसकी बहन उबर वैâब में आपातकालीन स्थिति में थी, उस दौरान उसने महिला सुरक्षा आपातकालीन नंबर १०३ पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसे कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इतना ही नहीं, उसका कॉल आपातकालीन नंबर १०० से भी कनेक्ट नहीं हुआ। महिला ने मुंबई पुलिस के इन आपातकालीन नंबरों को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

इस मामले पर पुलिस आयुक्त और संयुक्त पुलिस आयुक्त से संपर्क किया गया तो उन्होंने कॉल कट कर दिया। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने कहा कि व्हॉट्सऐप पर मैसेज कीजिए, मैं जवाब देता हूं, लेकिन खबर लिखने तक संयुक्त पुलिस आयुक्त का जवाब नहीं आया।
सुरक्षा के प्रति बड़ी चूक
१००, १०३ और ११२ बेहद ही महत्वपूर्ण आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर हैं। इन नंबरों को २र्४ े ७ उपलब्ध होना चाहिए। आपात समय में इन नंबरों का काम नहीं करना पुलिस प्रशासन का नागरिकों की सुरक्षा के प्रति बड़ी चूक है। राज्य के मुख्यमंत्री शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी नागरिकों की इन सुरक्षा कड़ियों को सुनिश्चित करना चाहिए। उन्हें राज्य के विकास के साथ ही नागरिकों की सुरक्षा पर भी गौर करना चाहिए। -अमन दुबे, गोरेगांव-पश्चिम
जान को खतरा
मुंबई पुलिस अक्सर आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों को लेकर नागरिकों को जागरूक करती रहती है। ऐसे में अगर आपात स्थिति में नागरिकों का इन नंबरों पर संपर्क नहीं हो पाया तो इससे उनके जान को भी खतरा हो सकता है। मुंबई पुलिस को नागरिकों के सुरक्षा के प्रति अपनी इस सुविधा को और बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि आए दिन लोगों को इन नंबरों की जरूरत पड़ती रहती है। -सुजीत वर्मा, कोलाबा

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