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महंगाई की हाय, जहरीली हो गई चाय! सिंथेटिक दूध को मिला केमिकल वाली चाय का साथ

सामना संवाददाता / मुंबई
एक तो आम आदमी रोजाना बढ़ती महंगाई से परेशान है, ऊपर से उपलब्ध सबसे सस्ता पेय चाय भी जहरीली हो गई है। यूपी एटीएस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो सड़क किनारे बिकनेवाली दुकानों में चाय की पत्ती सप्लाई करता था। यह चाय की पत्ती जहरीली होती है। पुरानी चाय की पत्ती में घातक केमिकल मिलाकर इसे तैयार किया जाता है।
मिली जानकारी के अनुसार यूपी एसटीएफ ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो नकली चायपत्ती बनाता था। नकली चायपत्ती लोगों के लिए इतनी नुकसानदायक है कि इससे कैंसर और दूसरी गंभीर बीमारी हो सकती है। नकली चायपत्ती बेचने के लिए बड़ी चालाकी से ये लोग रेहड़ी-पटरी पर बेचनेवाले चाय की दुकानों को चुना करते थे। एसटीएफ ने ऐसी चायपत्ती बनानेवाले तीन आरोपियों मोहम्‍मद जैद, दाऊद और तबरेज को गिरफ्तार किया है। सूत्र बताते हैं कि आनेवाले दिनों में यूपी एसटीएफ के निशाने पर कई अवैध चायपत्ती की फैक्ट्री हो सकती हैं।
यूपी एसटीएफ सीओ दीपक सिंह ने बताया कि यूपी एसटीएफ ने लखनऊ में एक अवैध चायपत्ती की फैक्ट्री पर रेड किया, तो कई चौंकाने वाली चीजें सामने आईं। इस फैक्ट्री में चायपत्ती बनाने के लिए इस्तेमाल की हुई चायपत्ती, लकड़ी के बुरादे, केमिकल, केसरी, कुछ अच्छी क्वालिटी की चायपत्ती के साथ में कुछ पौधों की पत्ती का इस्तेमाल कर नकली चायपत्ती बनाई जाती थी। अधिकारियों को प्रथम दृष्टया किस पौधे की पत्ती है, ये समझ नहीं आया। लिहाजा पौधे की पत्ती को जांच के लिए लैब भेजा गया है।
यूपी एसटीएफ की रेड के दौरान साढ़े ४०० कि‍लो से ज्यादा नकली चायपत्ती और ४५० कि‍लो तक केमिकल बरामद हुए हैं। यूपी एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक, इस चायपत्ती से आम लोगों को वैंâसर तथा लीवर की गंभीर बीमारी हो सकती है। यूपी एसटीएफ का कहना है कि‍ ये एक बड़ी साजिश है और इनका जांच का दायरा लखनऊ और आसपास के जिले में लगातार बढ़ रहा है। यूपी एसटीएफ को एक ऐसी चेन भी मिली है, जो रेहड़ी पटरी वालों को चायपत्ती की सप्लाई करती थी। आरोपी रेहड़ी-पटरी वालों को ही इस तरीके की अवैध चायपत्ती बेचने के लिए चुनते थे, क्योंकि इन दुकानों पर सुबह नकली चायपत्ती देते थे और शाम तक पूरी चाय पत्ती की खपत हो जाती थी। अगर यह चायपत्ती एक सप्ताह पुरानी हो जाए तो इसमें कीड़े लगने लगते थे और अजीब कि‍स्‍म की बदबू आने लगती थी, जिसकी वजह से घरों या दुकानों पर बेचने के लिए इनके सेल्समैन टारगेट नहीं करते थे।
निशाने पर कई अवैध चायपत्ती फैक्ट्री 
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, नकली चायपत्ती जानलेवा है। असि‍स्‍टेंट कमिश्नर शैलेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि‍ फिलहाल खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन और यूपीएसटीएफ के निशाने पर कई अवैध चायपत्ती फैक्ट्री  हैं।

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