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हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे: चिकित्सा योजना बंद होने के कगार पर!… घाती सरकार का एक और घात

सामना संवाददाता / मुंबई

आम लोगों को रक्त समेत स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न जांचें निजी संस्थानों में कराने पर आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है, इसलिए मुंबई मनपा के दवाखानों समेत स्वास्थ्य केंद्रों में हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे चिकित्सा योजना शुरू की गई थी। इस योजना से मरीजों को काफी फायदा हो रहा था। हालांकि, पिछले १० माह में मनपा ने सेवा प्रदाता वंâपनी१० लाख रुपए से अधिक की राशि का भुगतान नहीं किया है। ऐसे में बकाया राशि पाने के लिए इस कंपनी ने मनपा के मध्यवर्ती खरीद विभाग को एक अंतिम स्मरण पत्र भेजा है। इसके साथ ही सूचित किया है कि उसे अब मजबूरन यह सेवा बंद करनी पड़ेगी। इसलिए संभावना है कि हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे चिकित्सा योजना जल्द ही बंद हो जाएगी।
उल्लेखनीय है कि मनपा अस्पतालों में इलाज के लिए आनेवाले गरीब मरीजों को मामूली दर पर परीक्षण की सुविधा प्रदान करने के लिए मनपा प्रशासन ने महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल में हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे स्वास्थ्य केंद्र योजना शुरू की थी। इसके लिए निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कृष्णा डायग्नोस्टिक सेंटर को नियुक्त किया गया था। यह योजना शहर, पूर्व और पश्चिम उपनगर में मुंबई मनपा के अस्पतालों, दवाखानों, प्रसूति गृहों आदि में चलाई जा रही है। इसके अनुसार बुनियादी जांच के लिए प्रति रक्त नमूना ८६ रुपए और विशेष जांच के लिए प्रति रक्त नमूना ३४४ रुपए की दर से राशि दी। इस योजना के लिए मनपा द्वारा करीब २७.५२ करोड़ रुपए के खर्च को मंजूरी दी गई। बीते १० महीनों से इस कंपनी द्वारा की गई विभिन्न जांचों के शुल्क का भुगतान मनपा ने नहीं किया है। इस कारण कंपनी को इस सुविधा को जारी रखने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले १० महीने मनपा पर में कंपनी का १० करोड़ तीन लाख रुपए बकाया है। इसलिए सेवा प्रदाता वंâपनी अपने कर्मचारियों को बीते तीन महीने से वेतन नहीं दे पाई है। कंपनी ने बकाया राशि का भुगतान करने के लिए अक्टूबर और नवंबर में मनपा से अनुरोध किया था। लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण आखिरकार ११ दिसंबर २०२३ को इस कंपनी ने रिमाइंडर भेजकर कम से कम ८० फीसदी रकम चुकाने का अनुरोध किया।

ये होती हैं जांच?

मधुमेह, थाईराइड, डेंगू, लेप्टो, मलेरिया, प्रोटीन, विटामिन डी ३, एससीवीसी रैपिड, चिकनगुनिया, विटामिन बी १२, ब्लड कल्चर, लीवर, यूरिन, बैक्टेरिया कल्चर, एचआईवी, व्रेâटीनाइन, बायोप्सी समेत १३९ जांच की जाती हैं।

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