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हिजाब पर भी ‘हार’ गया हिंदुस्थान! … ईरान में भी  बुर्के के खिलाफ महिलाएं सड़कों पर उतरीं

•  हिंदुस्थान में हिजाब हितैषियों की भरमार
• तेहरान समेत १२ शहरों में विरोध-प्रदर्शन
• फायरिंग में ५ लोगों की मौत, ८५ घायल
सामना संवाददाता / मुंबई
हिंदुस्थान भले ही आधुनिक देश बनने का दावा करे पर यहां कई लोग ऐसे हैं जो देश को पीछे धकेलने में अपनी शान समझते हैं। कुछ महीने पहले कर्नाटक में एक स्कूल के ड्रेस कोड के खिलाफ एक बच्ची द्वारा हिजाब पहनने की जिद का मामला देखते ही देखते पूरे देश में पैâल गया था। अचानक देश में हिजाब हितैषियों की भरमार हो गई। मगर अब कट्टर मुस्लिम देश ईरान में महिलाएं बुर्वेâ व हिजाब के खिलाफ सड़कों पर उतर आई हैं।
देखते ही देखते वहां यह आंदोलन १२ शहरों में पैâल गया है और छात्र-छात्राओं को कंट्रोल करना कठिन होता जा रहा है। ऐसे में यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि ‘हिजाब’ पर भी हिंदुस्थान हार गया।
वाकई हिंदुस्थान जैसे खुले विचारों वाले देश में हिजाब पहनने की जिद और उसके समर्थन में खड़ी मौलानाओं की फौज बताती है कि देश का मुस्लिम समाज कितना भी शिक्षित होने का ढोंग क्यों न करे, पर इस मामले में उसकी सोच काफी पिछड़ी है। टीवी डिबेट में शोएब जमाई जैसे मुस्लिम स्कॉलर भी जब हिजाब के पक्ष में आवाज बुलंद करते हैं तो मुस्लिम समाज के इन जैसे लोगों की मानसिकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। दूसरी तरफ ईरान जैसे कट्टर देश के युवाओं ने इस मामले में बड़ा ही क्रांतिकारी कदम उठाया है। वहां ‘हिजाब’ के विरोध से पूरा देश हिल उठा है। वहां जगह-जगह नारेबाजी हो रही है। बता दें कि हिजाब नहीं पहनने को लेकर मॉरल पुलिस कस्टडी में २२ साल की माशा अमीनी की मौत हो गई थी, जिसके विरोध में महिलाएं सड़कों पर उतर आर्इं। इसके बाद राजधानी तेहरान की यूनिवर्सिटी में छात्राओं ने जमकर नारेबाजी की और कक्षाओं का भी विरोध किया। यूनिवर्सिटी के छात्र भी इन छात्राओं के समर्थन में आ गए और उन्होंने भी नारेबाजी की। हिजाब का सबसे ज्यादा विरोध कुदिंस्तान प्रांत में हो रहा है। कुदिंस्तान, उर्मिया, खरेमनशाह, कोम रश्त सहित १२ शहरों में यह विरोध पैâल चुका है। इन शहरों में स्कूल, दफ्तर और बाजार बंद कर दिए गए। इतना ही नहीं, वहां पर सर्वोच्च धार्मिक नेता खामेनई के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी हुई। ईरान में ये पहली बार हुआ है कि इस्लाम के किसी सर्वोच्च नेता का इतने बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है। सरकार ने कई शहरों में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने फायरिंग भी की है, जिसमें ५ प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, जबकि ८५ घायल हुए हैं। ईरान सरकार ने विरोध को देखते हुए तेहरान सहित कई शहरों में ५० हजार अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया है।

मुज्तबा है मास्टरमाइंड
जानकारों का मानना है कि हालिया विरोध का कारण सर्वोच्च नेता खानेनई का बेटा मुज्तबा भी है। हिजाब की सख्ती और मॉरल पुलिसिंग का मास्टरमाइंड मुज्तबा ही है। इसके अलावा ईरान में पहली बार सुधारवादी पार्टी एतिमाद-ए-मिल्ली ने हिजाब अनिवार्यता और मॉरल पुलिसिंग को खत्म करने की मांग की है। बड़े शिया नेता जनजानी ने हिजाब की अनिवार्यता का विरोध किया है, वहीं महिला संगठन भी इसके विरोध में उतर आए हैं।

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