मुख्यपृष्ठनए समाचारबेघरों को मददगार की दरकार! ...प्रकृति के कहर से कराहे पहाड़

बेघरों को मददगार की दरकार! …प्रकृति के कहर से कराहे पहाड़

• मौत के आंकड़ों में वृद्धि
• हिमाचल में २१४ तो उत्तराखंड में ५२ मरे
एजेंसी / नई दिल्ली
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में प्रकृति कहर बरपा रही है। दोनों राज्यों में बारिश का दौर जारी है। इस प्राकृतिक कहर से सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि पहाड़ भी कराह रहे हैं। लोगों के अशियाने बारिश और भूस्खलन में बह गए हैं। कई लोग बेघर हो गए हैं। उन बेघरों को किसी मददगार की दरकार है। बता दें कि हिमाचल में बारिश और बाढ़ की वजह से मौतों में वृद्धि हुई है। अब तक हिमाचल में २१४ तो उत्तराखंड में ५२ लोगों की मौत हो चुकी है।
बता दें कि दोनों राज्यों में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने कहर बरपाया है। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान हिमाचल प्रदेश में हुआ है और २४ जून से अब तक २१४ लोगों की जान जा चुकी है, जबकि ३४ लोग अभी भी लापता हैं और मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। उधर, उत्तराखंड में बारिश जारी है और भूस्खलन समेत विभिन्न घटनाओं में ५२ लोगों की मौत हो चुकी है, साथ ही १९ लोग लापता हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जारी बारिश के कारण कई सड़कें और हाईवे बह गए हैं। साथ ही हजारों घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश के शिमला, सोलन इलाकों में कई भूस्खलन हुए हैं। शिमला के समरहिल, फागली और कृष्णानगर इलाकों में सबसे ज्यादा भूस्खलन हुए हैं। इसके चलते महज तीन दिन में यहां ७१ लोगों की जान चली गई। इस इलाके में कुछ लोग फंसे हुए हैं और उन्हें निकालने की कोशिशें जारी हैं। वायुसेना की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। इस बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं से १० हजार करोड़ रुपए के नुकसान की जानकारी दी है। उन्होंने यह भी कहा कि बारिश और भूस्खलन से हुए नुकसान की भरपाई में काफी समय लगेगा।

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