मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृतिसभी पर्व-त्योहारों पर वीर शहीदों के परिजनों का करें सम्मान- जैन मुनि

सभी पर्व-त्योहारों पर वीर शहीदों के परिजनों का करें सम्मान- जैन मुनि

सामना संवाददाता / भायंदर
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मंगलवार १५ अगस्त को श्री सकल दिगंबर जैन चातुर्मास समिति मुंबई, श्री सुपार्श्वनाथ दिगंबर जैन चैत्यालय ट्रस्ट भायंदर, सकल दिगंबर जैन समाज ठाणे एवं वीर जवान फाउंडेशन मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में मातृभूमि की रक्षा में अपना जीवन न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों के परिजनों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। दिगम्बर जैनाचार्य १०८ विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनिश्री १०८ अक्षयसागर जी महाराज ने कहा कि सभी त्योहार व पर्वों पर वीर शहीद के परिवारों का सम्मान होना चाहिए। यह समारोह राधेश्याम डोम, कस्तूरी गार्डन मार्ग, टेम्बा अस्पताल के पास मैक्सेस मॉल के पीछे भायंदर-पश्चिम में आयोजित किया गया था। चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष व मनपा के नगररचना विभाग के सहायक संचालक दिलीप घेवारे ने बताया कि महाराष्ट्र व देश के विभिन्न क्षेत्रों से देश के लिए बलिदान देने वाले शहीद परिवार के लोगों का सम्मान किया गया, जिसमें ३१ सैनिक परिवारों का चयन किया गया था। भारत के विभिन्न प्रांतों से आए वीर जवानों के परिजनों को प्रशस्ति पत्र, हथकरघा वस्त्र, नगद राशि प्रदान की गई। अनवरत चार माह चलने वाले इस आयोजन को सफल बनाने में चातुर्मास कमेटी के प्रमुख तरुण काला, प्रशांत जैन, दिलीप घेवारे, डॉ. सुहास शाह, के. सी. जैन, प्रभात जैन, पद्म सोनी, पंकज जैन, जयेश शाह, दिनेश गंगवाल, नलिन शाह, मनोज बड़जात्या, किरीट दोशी, विधि जैन, प्रवीण जैन के साथ सकल दिगम्बर जैन समाज के धर्मावलंबियों ने अपना अमूल्य योगदान दिया। एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर समाज और देश का नाम रोशन करने वाली जैन समाज की प्रथम पर्वतारोही याशी जैन भी पूज्य मुनि श्री के दर्शनार्थ समारोह में शामिल हुई थीं। इस अवसर पर अक्षयसागर जी महाराज ने कहा कि सिर्फ १५ अगस्त और २६ जनवरी को ही नहीं, बल्कि देश के सभी पर्व और त्योहारों पर वीर शहीद की मां को वीर माता तथा पत्नी को वीर पत्नी कह कर संबोधित कर सम्मान देना चाहिए।

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