मुख्यपृष्ठटॉप समाचारउम्मीद अभी जिंदा है! सुप्रीम कोर्ट ने चलाया सोंटा, लोकतंत्र की बच...

उम्मीद अभी जिंदा है! सुप्रीम कोर्ट ने चलाया सोंटा, लोकतंत्र की बच गई लाज, अवैध भाजपाई मेयर की कुर्सी छिनी, `आप’ उम्मीदवार को मिली रिकॉर्ड जीत

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
चंडीगढ़ मेयर पद के चुनाव में चीटिंग करते हुए खुले तौर पर लोकतंत्र की हत्या करने वाली भारतीय जनता पार्टी को देश की सर्वोच्च न्यायालय ने कल धारा १४२ के अंतर्गत जोरदार झटका दिया। हेराफेरी कर भाजपा उम्मीदवार को विजयी बनाने के पैâसले को बदलते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कल आम आदमी पार्टी (आप) के कुलदीप कुमार को पिछले महीने हुए चंडीगढ़ मेयर चुनाव का वैध विजेता करार दिया। इस पैâसले से निश्चित तौर पर लोकतंत्र की जीत और भ्रष्ट भाजपा की कड़ी हार हुई है। रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह द्वारा ‘आप’ नेता के पक्ष में आठ वोटों को जानबूझकर अमान्य करने और खारिज करने के कारण कई सप्ताह तक चला विवाद खत्म हो गया।

सभी ८ वोट याचिकाकर्ता कुलदीप कुमार को दिए गए थे। वोट अमान्य नहीं थे, बल्कि ऑफिसर का बर्ताव कानून के खिलाफ था। इसलिए हमने मेयर चुनाव के पुराने नजीते को रद्द कर दिया, जो कि कानून के हिसाब से नहीं था।’
-सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़

मसीह सिर्फ ‘मोहरा’ है, पीछे मोदी का ‘चेहरा’ है!
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में सुप्रीम कोर्ट के पैâसले के बाद राहुल गांधी का बयान सामने आया है। राहुल गांधी ने भाजपा पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि मसीह तो मोहरा है। राहुल गांधी ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव को भाजपाई साजिश बताते हुए, इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने महापौर चुनाव का नतीजा पलटते हुए हारे हुए उम्मीदवार को विजेता घोषित कर दिया है। यह पैâसला आने के बाद विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर हो गया है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा है कि लोकतंत्र की हत्या की भाजपाई साजिश में मसीह सिर्फ ‘मोहरा’ है, पीछे मोदी का ‘चेहरा’ है। राहुल गांधी ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव को भाजपाई साजिश बताते हुए, इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है।

अब मसीह को अदालत की अवमानना ​​की कार्रवाई का भी सामना करना पड़ेगा। उन्हें सुप्रीम कोर्ट की तरफ से ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया गया है। आज देश के भीतर जो हालात पैदा हुए हैं, वो लोकतंत्र को पूरी तरह से कुचलने का काम कर रहे हैं। केंद्र की भाजपा सरकार लोकतंत्र के सभी नियमों को ताक पर रखकर उसे समूल नष्ट करने का काम कर रही है। विपक्ष के सांसदों को सस्पेंड करने का मुद्दा हो या विपक्ष को पूरी तरह से खात्मे का षड्यंत्र हो, पिछले साल हुई भाजपा सरकार की कार्रवाई ने लोकतंत्र पर गहरे सवाल खड़े कर दिए थे। लेकिन कल चंडीगढ़ मेयर चुनाव मामले में सुप्रीम कोर्ट के पैâसले ने लोकतंत्र की उम्मीद को जिंदा रखते हुए उसे लाज बचाई है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने `आप’ उम्मीदवार कुलदीप कुमार को चंडीगढ़ का मेयर घोषित किया। कोर्ट ने कहा, निर्वाचन अधिकारी मसीह ने जिन आठ मतपत्रों पर निशान बनाए थे, वो वैध वोट थे। ये आठ वोट असल में `आप’ उम्मीदवार के पक्ष में डाले गए थे। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अदालत ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह ने अपराध किया था। इसके साथ ही अदालत ने चुनाव अधिकारी अनिल मसीह को अवमानना का नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि चुनाव अधिकारी ने यहां गलत जानकारी दी। इसलिए उन्हें अवमानना का दोषी ठहराया जाता है और उनके खिलाफ केस चलेगा।

अन्य समाचार