मुख्यपृष्ठनए समाचारमुंबईकरों को बीमारी दे रहे हैं होटल! एफडीए की जांच में कई...

मुंबईकरों को बीमारी दे रहे हैं होटल! एफडीए की जांच में कई होटलों में पाई गई गंदगी, १३ करोड़ मुंबईकरों पर केवल १३ फूड इंस्पेक्टर

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई के नामचीन होटल बड़े मियां में स्वच्छता का बड़े पैमाने पर उल्लंघन पाए जाने के बाद मुंबई में अन्न व औषधि प्रशासन सतर्क हो गया है। साथ ही विशेष अभियान के तहत शहर में हर छोटे-बड़े होटलों पर निगरानी रखते हुए उसमें साफ-सफाई समेत तमाम जरूरी नियमों का पालन किया जा रहा है अथवा नहीं, इसकी जांच की जा रही है। हाल फिलहाल में एफडीए ने ७० से अधिक होटलों और क्लाउड किचन की जांच की, जिसमें स्वच्छता की कमी और खुलेआम नियमों का उल्लंघन पाया गया, जो बेहद चिंताजनक है। दूसरी तरफ १३ करोड़ की आबादी वाले इस शहर में कुल १.३ लाइसेंस धारी समेत २.४ लाख पंजीकृत होटल हैं। हालांकि, इन पर निगरानी रखने के लिए केवल १३ फूड इंस्पेक्टर हैं। ऐसे में घाती सरकार के राज में एफडीए मानव बल की कमी की मार झेल रहा है।
एफडीए में हैं कई पद खाली
मुंबई शहर और उपनगरों में १.३ लाख लाइसेंस धारक समेत कुल २.४ लाख पंजीकृत होटल और क्लाउड किचन चालक हैं। हालांकि, सबसे चिंताजनक बात यह है कि मौजूदा समय में इनका निरीक्षण करने के लिए मंजूर ४९ में से केवल १३ खाद्य सुरक्षा अधिकारी हैं। शेष सभी पद रिक्त पड़े हुए हैं, जिन्हें भरने की कोई भी चिंता सरकार को नहीं है।
अपडेट नहीं हुई हैं लैब
मुंबई, नागपुर और संभाजी नगर में तीन लैब खाद्य विश्लेषकों की पूर्णकालिक भर्ती के बिना काम कर रही हैं। साथ ही इन लैबों में बहुत ही कम आवश्यक उपकरण हैं। यहां परीक्षण प्रणालियां नई मिलावटों के साथ तालमेल नहीं बिठा सकती हैं। तीनों लैब ४-५ विश्लेषकों के सहारे चल रही हैं, जिन्हें औषधि विभाग से लिया गया है। साल २०२२-२३ में नियामक संस्था मुंबई ने मुश्किल से २,०३९ खाद्य नमूने एकत्र कर सकी और लगभग एक चौथाई के परिणाम अभी भी लंबित हैं।

अन्य समाचार