मुख्यपृष्ठनए समाचारकैसे होता है तापमान का स्थानांतरण? ... मैगनेटिक हीट खोलेगा सूरज के...

कैसे होता है तापमान का स्थानांतरण? … मैगनेटिक हीट खोलेगा सूरज के राज!

कैसे होता है तापमान का स्थानांतरण? आसमान में आग का गोला सूरज। अगर सूरज न रहे तो धरती पर जीवन नामुमकिन है। पर इसकी गर्मी बहुत सताती भी है। उगते और डूबते सूरज को देखना बहुत अच्छा लगता है लेकिन भरी दोपहरी में सूरज की किरणें परेशान कर देती हैं। जैसा कि हम सब जानते हैं कि सूरज एक जगह स्थिर है, धरती का जो हिस्सा उसके सामने होता है, वहां रोशनी और धरती का जो हिस्सा सामने नहीं होता है वहां अंधेरा होता है।
वैज्ञानिकों ने अपनी खोज में बताया है कि सूरज से मिलनेवाली रोशनी की वजह हाइड्रोजन के एटम का एक-दूसरे से मिलना-जुलना है और इस प्रक्रिया में असीम ऊर्जा का उत्सर्जन होता है, जिससे रोशनी मिलती है। लेकिन सूरज के बारे में बहुत कुछ नहीं जाना जा सका है। इन सबके बीच मैगनेटिक हीट वेव के जरिए अनसुलझे रहस्यों पर से पर्दा उठने की उम्मीद जताई जा रही है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो ये मैगनेटिक हीट सूरज के राज पर से पर्दा उठाएगा।
सतह से ज्यादा तापमान
वैज्ञानिक अभी भी इस तथ्य को नहीं समझ पाए हैं कि सोलर कोरोना यानी सूरज का अपना वातावरण, सतह से इतना गर्म क्यों है? सूरज की सतह का तापमान करीब ५,५०० डिग्री सेंटीग्रेड है, लेकिन कोरोना का तापमान १ मिलियन डिग्री सेंटीग्रेड है। सतह के तापमान से करीब २०० गुना अधिक। सूरज के गर्भ में न्यूक्लियर फ्यूजन की क्रिया हमेशा चलती रहती है। इसका अर्थ है कि कोई-न-कोई तकनीक है, जिसके जरिए कोर से तापमान का ट्रांसफर सतह तक होता रहता है। इस सवाल के जवाब में वैज्ञानिक कहते हैं कि मैगनेटिज्म के जरिए इस रहस्य को समझा जा सकता है।

मैगनेटिक हीट वेव पर निगाह
केयू ल्यूवेन में सह-लेखक प्रोफेसर टॉम वान डोरसेलेरे बताते हैं कि पिछले ८० वर्षों में खगोल भौतिकीविदों ने इस समस्या को हल करने की कोशिश की है और अब इस मैगनेटिक हीट पर निगाहें लगी हैं। सवाल है कि क्या कोरोना को मैगनेटिक हीट द्वारा गर्म किया जा सकता है? साथ ही समझना है कि क्या ये उच्च आवृत्तियां कोरोना में पर्याप्त ऊर्जा का योगदान करती हैं और क्या ये कोरोना में गर्मी को समझाने के लिए पर्याप्त हैं?

डेनियल टेलीस्कोप की मदद
सोलर ऑर्बिटर से लेकर नासा के पार्कर सोलर प्रोब तक सौर अवलोकनों के स्वर्ण युग में रह रहे हैं, जो अंतरिक्ष से सूर्य पर हमारी पहले से ही मौजूद कई आंखों को जोड़ता है। बिग बीयर सोलर ऑब्जर्वेटरी द्वारा किए गए काम के साथ और अब जब ‘डेनियल के इनौये सोलर टेलीस्कोप’ अपना कमीशनिंग चरण पूरा कर रहा है। इस टेलीस्कोप ने सूरज की कई शानदार तस्वीरें भेजी हैं, जिनका अध्ययन किया जा रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही वैज्ञानिक सूरज के कई रहस्य सुलझाकर दुनिया के सामने ला पाएंगे।

अन्य समाचार

लालमलाल!