" /> कैसे बचेंगी बेटियां?

कैसे बचेंगी बेटियां?

कानून के रक्षक बने कुकर्मियों की ढाल
बलात्कारियों का बढ़ा दुस्साहस

उत्तरप्रदेश के हाथरस, बलरामपुर, धमनगंज, लखनऊ, मथुरा, सहारनपुर, भदोही व कानपुर में इसी तरह एमपी के नरसिंहपुर, खंडवा तथाकथित गैंगरेप या रेप के मामले मामलों से पूरा देश कराह रहा है। इनमें हाथरस, बलरामपुर, बुलंदशहर और भदोही की घटनाएं बेहद ही भयावह रहीं। हाथरस में १९ वर्षीय दलित युवती की कथित तौर पर गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई, उस घटना के बाद जिस तरह गैंगरेप पीड़िता की लाश को रात के अंधेरे में गुप्त ढंग से जबरन जलाया गया और फिर पीड़ित परिवार को पैसों का लालच दिया गया, डराया व धमकाया गया, इससे योगी सरकार पहले ही कटघरे में है। इसी बीच एक बच्चे की गुमशुदगी का मामला सुर्खियों में आ गया। सुर्खियों की वजह है वह गैंगरेप पीड़िता ज्वाला (काल्पनिक नाम) जिसे दस महीने पहले कोर्ट में गवाही देने जाते समय जलाकर मार दिया गया था। कल अगवा हुआ बच्चा उसी ज्वाला का भतीजा है। बच्चे की गुमशुदगी की इस घटना से उत्तरप्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने लगे हैं।
उन्नाव शहर से करीब ५० किमी दूर बिहार थाने के अंतर्गत आता है ज्वाला का गांव। इस गांव के भीतर प्रवेश करने के बाद कुछ ही दूरी पर ज्वाला का मिट्टी, फूस और खपरैल का बना हुआ कच्चा घर है। ज्वाला पांच बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटी थी। ज्वाला की पड़ोस के ही एक लड़के शिवम त्रिवेदी से जान-पहचान थी। दोनों साथ जीने-मरने की कसमें खाईं थीं लेकिन ज्वाला ने जिस शिवम पर सबसे ज्यादा भरोसा किया था, उसी ने उसे मौत के मुंह में धकेल दिया। उसे ऐसी दर्दनाक मौत दी, जिसकी कल्पना से ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। मौत के मुहाने पर खड़ी ज्वाला के मुंह से आखिरी शब्द यही निकले थे कि `उन दरिंदों को छोड़ना मत!’
असल में शिवम ने ज्वाला को प्रेमजाल में फंसाया था। वह उसे लंबे अर्से तक अपनी हवस का शिकार बनाता रहा। शिवम शादी का झांसा देकर लंबे समय तक रायबरेली के लालगंज में उसके साथ रहा और उसका शारीरिक शोषण करता रहा। ज्वाला को झांसा देने के लिए शिवम ने १८ जनवरी, २०१८ को रायबरेली कोर्ट में ज्वाला के साथ मैरिज कॉन्‍ट्रैक्‍ट भी साइन किया था, जो कि इकरारनामा था कि शिवम, पीड़ि‍ता (ज्वाला) का खयाल रखेगा। मगर उसके इरादे कुछ और ही थे। शिवम बाद में पीड़ि‍ता को अपनाने से कतराने लगा। बाद में शिवम, ज्वाला को छोड़कर अपने गांव वापस आ गया, ज्वाला ने अपना हक मांगा तो धमकी मिली। गांव में पंचायत बैठी। शिवम के घरवालों ने दबाव बनाया कि ३ लाख रुपए ले लो और शिवम का पिंड छोड़ दो। ज्वाला से कहा गया कि इन रुपयों से दूसरी शादी कर लो लेकिन प्‍यार गंवा चुकी ज्वाला ने इज्‍जत के लिए लड़ने का निर्णय लिया। जब ज्वाला शादी का दबाव बनाने लगी तो शिवम उसे अपने साथ ले गया और अपने गांव के ही एक दोस्त शुभम त्रिवेदी के साथ मिलकर खेत में उसका बलात्कार किया मगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की, जिसके बाद पीड़ि‍ता ने अदालत का दरवाजा खटखटा दिया। एक स्थानीय कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद रायबरेली की लालगंज पुलिस थाने में शिवम त्रिवेदी और शुभम त्रिवेदी के खिलाफ पांच मार्च, २०१८ को आईपीसी की धारा ३७६ डी और धारा ५०६ के तहत एफआईआर दर्ज हो गई। एफआईआर में दी गई तहरीर के मुताबिक, शिवम ने पीड़ि‍ता का वीडियो बनाया और ब्लैकमेल करता रहा।
पिछले तीन कार्यकाल से गांव की प्रधानी शिवम के परिवार के पास थी, इससे उनकी दबंगई का अंदाजा लगाया जा सकता है। शिवम के परिवार ने गरीब ज्वाला को बहू स्वीकार करने की बजाय उसे रास्‍ते से हटाने की ठान ली। ज्वाला द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से नाराज शिवम और शुभम उसे फोन पर और घर आकर धमकाने लगे। वारदात वाले दिन ५ दिसंबर, २०१९ को कोर्ट के काम से वह अकेली बैसवारा स्टेशन जा रही थी। ज्वाला को रायबरेली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन पकड़नी थी, जो सुबह पांच बजे स्टेशन पर आती है। ज्वाला के घर से स्टेशन की दूरी करीब दो किलोमीटर है और रास्ता दिन में भी वीरान ही रहता है। रास्ते में शिवम, शुभम व उनके ३ अन्य साथियों ने रेलवे लाइन से पहले सुनसान जगह पर ज्वाला को घेर कर जकड़ लिया। ज्वाला ने काफी देर खुद को छुड़ाने के लिए संघर्ष किया लेकिन पांचों लोगों ने उसे कसकर पकड़ रखा था। बाद में उन लोगों ने पेट्रोल डालकर ज्वाला को जला दिया। आग से धू-धू करके जलती ज्वाला मदद के लिए चीखती, छटपटाती, यहां-वहां दौड़ती रही लेकिन आरोपी उसे छोड़कर भाग गए। आग में ९० फीसदी झुलस चुकी ज्वाला को बचाने की कोशिश में उन्नाव से लखनऊ और फिर वहां से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल तक पहुंचाया गया लेकिन दो दिन बाद इलाज के दौरान ज्वाला जिंदगी की जंग हार गई थी। हालांकि मरने से पहले उसने मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज करा दिया था। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने शिवम त्रिवेदी, हरिशंकर द्विवेदी, शुभम त्रिवेदी, रामकिशोर त्रिवेदी और उमेश वाजपेयी नामक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब ज्वाला के भतीजे की गुमशुदगी के बाद ज्वाला के परिजन अनिष्ट की आशंका से डरे हुए हैं।