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हब एंड स्पोक मॉडल से ठीक होगा कैंसर! … ३० से ४० विशेष केंद्र स्थापित करने का है लक्ष्य

पांच से छह करोड़ की आबादी को सेवाएं प्रदान करेगा प्रत्येक केंद्र
एक करोड़ से अधिक का इलाज करेगा स्पोक केंद्र
सामना संवाददाता / मुंबई
हिंदुस्थान के सात राज्यों में टाटा मेमोरियल सेंटर के ११ अस्पतालों में सालाना १.२५ लाख नए मरीज पंजीकृत हो रहे हैं। दूसरी तरफ मौजूदा समय में देश में कुल १३ लाख वैंâसर के मरीजों का इलाज चल रहा है, जो आनेवाले १० से १५ सालों में २४ लाख तक बढ़ने की उम्मीद है। इस तरह की जानकारी देते हुए टाटा मेमोरियल के नए निदेशक डॉ. सुदीप गुप्ता ने कहा कि वैंâसर जैसी जानलेवा बीमारी से निपटने के लिए हब एंड स्पोक मॉडल वाला प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत ३० से ४० विशेष केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ये केंद्र पांच से छह करोड़ की आबादी को सेवा प्रदान करेंगे। साथ ही एक करोड़ से अधिक का इलाज स्पोक केंद्र से होगा।
उल्लेखनीय है कि हिंदुस्थान में कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ते जा रही है। इसका शराब और तंबाकू का अति सेवन, जीवन शैली, मोटापा, जंक फूड आदि प्रमुख कारण बन रहे हैं। टाटा मेमोरियल के निदेशक डॉ. सुदीप गुप्ता ने कहा कि कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए यात्रा के समय को कम करने के लिए रणनीतिक भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए केंद्रों को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ११ अस्पतालों में से खोपोली और मुजफ्फरपुर सहित तीन को हब के रूप में चिह्नित किया गया है, जबकि शेष आठ स्पोक सेंटर के रूप में काम करेंगे। इसके अतिरिक्त कैंसर देखभाल आदि को सुनिश्चित करने के लिए पूरे देश में ऑन्कोलॉजिस्ट, नर्सों और परामर्शदाताओं के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बुनियादी ढांचे का हुआ विस्तार
डॉ. गुप्ता ने कहा कि टाटा मेमोरियल अस्पताल ने बुनियादी ढांचे का विस्तार किया है। इसके एडवांस्ड सेंटर फॉर ट्रीटमेंट, रिसर्च एंड एजुकेशन इन वैंâसर में ऑपरेशन थिएटर पांच से बढ़कर १९ हो गए हैं। वहीं ११ लाख वर्ग फुट में बन रही एक बड़ी नई सुविधा प्लेटिनम जुबली ब्लॉक वर्तमान में हाफकिन इंस्टीट्यूट परिसर में निर्माणाधीन है। इसके मार्च २०२७ तक पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह टीएमसी के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके एक बार चालू होने के बाद देश में टीएमसी नेटवर्क के भीतर यह सबसे बड़ा केंद्र होगा। इससे हमारी रेडियोथेरेपी सेवाओं, ओपीडी सेवाओं को भारी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही इसमें ५२० बेड भी जुड़ेंगे।
मुंबई टाटा अस्पताल पर मरीजों का बोझ नहीं हो रहा कम   
डॉ. गुप्ता ने कहा कि हमने सोचा था कि नौ नए केंद्रों की स्थापना के साथ मुंबई के टाटा अस्पताल में मरीजों की संख्या में कमी आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। हम अभी भी पहले की तरह सालाना ७०,००० नए मामले दर्ज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह देश भर में कैंसर देखभाल केंद्रों को पैâलाने की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।
वाराणसी सेंटर में हर साल आ रहे २२,००० नए मरीज 
डॉ. गुप्ता ने कहा कि टीएमसी के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर सेंटर में मरीजों की वार्षिक संख्या इसके चालू होने के चार वर्षों के भीतर प्रति वर्ष २२,००० तक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि टीएमसी के दो कैंसर केंद्रों में वार्षिक नए रोगियों की संख्या प्रति वर्ष २५,००० तक बढ़ गई है, जो कैंसर की बढ़ती घटनाओं पर जोर देती है। यह ऐसे क्षेत्रों में कैंसर देखभाल की मांग को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नए केंद्रों के अस्तित्व में आने से मुंबई का केस लोड कम हो जाएगा। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। इसलिए हमने हब-एंड-स्पोक मॉडल के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

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