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छिंदवाड़ा में बन रहा विशाल रामेश्वरम धाम …सावन माह में भक्तों के लिए खोला जाएगा

मध्य प्रदेश की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा का निर्माण पूर्णता की ओर
इमरान खान / छिंदवाड़ा
मध्य प्रदेश की धर्म नगरी कहे जाने वाले छिंदवाड़ा में विशाल रामेश्वरम धाम का निर्माण किया जा रहा है। जहां भगवान शंकर की मध्य प्रदेश की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित की जा रही है। जमीन से इसकी ऊंचाई ८१ फीट है। मूर्ति के नीचे विशाल मंदिर बनाया जा रहा है। अब तक जबलपुर के कचनार की ७६ फीट ऊंची शिव जी की मूर्ति मध्य प्रदेश में सबसे ऊंची मानी जा रही थी।
रामेश्वरम धाम पूजा स्थल का निर्माण छिंदवाड़ा शहर के विवेक बंटी साहू का परिवार करवा रहा है, जो ज्वेलरी के कारोबार से जुड़ा हुआ है। हालांकि, शिवशंकर सेवा ट्रस्ट को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। विवेक बंटी साहू ने बताया कि इसी सावन के माह में छिंदवाड़ा का रामेश्वरम धाम तैयार हो जाएगा और आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।

श्री यंत्र के आकार में निर्मित किया जा रहा यह रामेश्वरम धाम का पूजा स्थल छिंदवाड़ा के सिहोरामाल क्षेत्र में बनाया जा रहा है। रामेश्वरम धाम निर्माण कार्य की आधारशिला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने अप्रैल २०१८ में रखी थी। तब से इसका कार्य तेजी से जारी है। हालांकि, कोरोना काल के समय कार्य रोकना पड़ा था।

अंक ज्योतिष के आधार पर हो रहा निर्माण
प्रसिद्ध आर्किटेक्ट आनंद खेमका बताते हैं कि रामेश्वरम धाम छिंदवाड़ा का निर्माण अंक ज्योतिष के आधार पर किया जा रहा है। मूर्ति की ऊंचाई में मूलांक ९ आना चाहिए, इसलिए इसकी ऊंचाई ८१ फीट रखी गई है। मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके भी इसके निर्माण कार्य को देखने कुछ दिनों पहले छिंदवाड़ा पहुंची थीं।

विवेक बंटी साहू ने बताया कि मंदिर परिसर में शिवलिंग और नंदी जी की स्थापना की जाएगी। भगवान भोलेनाथ की विशाल प्रतिमा से १२५ फीट दूर नंदी विराजेंगे। रामेश्वर धाम के गर्भ गृह में सात अलग-अलग मंदिरों में शिव परिवार, श्री राम दरबार, लक्ष्मी नारायण मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, मां सरस्वती, पंचमुखी हनुमान मंदिर और दादाजी धूनीवाले का दरबार शामिल होगा। इसमें धूनीवाले दादाजी दरबार को छोड़कर अन्य मंदिरों की मूर्तियां वियतनाम मार्बल की होंगी। मंदिर परिसर में विशाल पार्क एवं बच्चों के लिए तरह-तरह के झूले लगाए जाएंगे एवं बच्चों के ज्ञानवर्धन के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। इस विशाल पार्क को राजस्थान, महाराष्ट्र और दिल्ली की टीम मिलकर तैयार कर रही हैं।
प्रोजेक्ट को लीड कर रहे नरेश कुमावत के मुताबिक, शिव जी की मूर्ति को बनाने में ८० टन लोहे का इस्तेमाल किया गया है। मूर्तिकार का दावा है कि अगले १०० वर्षों तक ये प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। छिंदवाड़ा के सिहोरामाल में बन रहे रामेश्वरम धाम से इस क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि छिंदवाड़ा जिला महाराष्ट्र की सीमा से लगा हुआ है, जिससे ये स्थान महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के लिए धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनेगा।

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