मुख्यपृष्ठनए समाचारसैकड़ों उद्योग, करोड़ों का कारोबार, लाखों का उदरनिर्वाह

सैकड़ों उद्योग, करोड़ों का कारोबार, लाखों का उदरनिर्वाह

-धारावी को विकासक की जेब भरने के लिए नहीं देंगे!

शिवसेना का संकल्प… १६ दिसंबर को `अडानी’ पर मोर्चा

`टीजर’ को तूफानी प्रतिसाद

सामना संवाददाता / मुंबई

धारावी न केवल एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी है, बल्कि मुंबई में उद्योग और रोजगार का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है। करीब ५ हजार उद्योग, १५ हजार छोटी और बड़ी पैâक्ट्रियां, ढाई लाख लोगों को मिलनेवाला रोजगार और देश-विदेश में कई उद्योगों को कच्चे माल समेत तैयार वस्तुओं की आपूर्ति करनेवाली मुंबई के आर्थिक केंद्रवाली ‘सोने’ जैसे धारावी को विकासक की जेब में नहीं जाने देंगे, ऐसा दृढ़ संकल्प शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने किया है। धारावी विकासक की जेब में डालने की सरकार की योजना को विफल करने और धारावीकरों के अधिकारों के लिए १६ दिसंबर को ‘अडानी’ कार्यालय पर मोर्चा निकाला जाएगा। इस मोर्चे का नेतृत्व खुद शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे करेंगे। इसके लिए शिवसेना द्वारा जारी किए गए टीजर को तूफानी प्रतिसाद मिल रहा है।
धारावी पुनर्विकास परियोजना को स्पेशल प्रोजेक्ट घोषित करने के बावजूद सरकार ने धारावीकरों को केवल ३०० फुट जगह देने की साजिश की है। इसके साथ ही विकासक अडानी पर रियायतों की बौछार की है। सरकार ने बिना कोई आपत्ति और सुझाव मंगाए सीधे विकास की गारंटी दी है। दिलचस्प बात यह है कि इस जगह के ‘टीडीआर’ को मुंबई में कहीं भी उपयोग करने की अनुमति अडानी को दिए जाने के कारण अन्य विकासकों को पहली बार टीडीआर का उपयोग करना है, तो उन्हें इसे अडानी से प्राप्त करना होगा। यह मामला यानी ‘सब मुंबई अदानी की’ जैसा है। इसी में सर्वे लटका हुआ है और धारावीकरों को पुनर्विकास के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। इसलिए कॉन्ट्रेक्टरों का सरकार और अडानी से जवाब मांगने के लिए १६ दिसंबर को धारावी से अडानी के कार्यालय तक एक विशाल मोर्चा आयोजित किया जाएगा। यह मार्च दोपहर ३ बजे शुरू होगा।
धारावी… मुंबई को आर्थिक सहायता देनेवाला इंधन!
हजारों उद्योगों और रोजगार पैदा करनेवाले केंद्र धारावी में बड़े पैमाने पर मिट्टी के बर्तन और कपड़ा उद्योग है। इसके अलावा कचरे पर प्रक्रिया करके पुनरुपयोग में लानेवाले उद्योग यहां ढाई लाख लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं। इसलिए टीजर में कहा गया है कि धारावी वह इंधन है जो मुंबई को आर्थिक सहायता देता है।
विदेशी बाजार भी धारावी पर है निर्भर
धारावी में तैयार होनेवाले चमड़े के सामान, आभूषण, विभिन्न उपकरण, कपड़ा आदि दुनिया भर में निर्यात किए जाते हैं। अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व के देशों के कई बाजार मुख्य रूप से धारावी के उत्पादन पर चलते हैं। धारावी से सालाना करीब ५,४०० से ८,३०० करोड़ रुपए का कारोबार होता है। इसलिए कई विदेशी बाजार भी धारावी पर निर्भर हैं।
`मुंबईकर’ के रूप में लें हिस्सा!
धारावी पुनर्विकास परियोजना के साथ-साथ सरकार मुंबई में तीन और बड़ी परियोजना अभ्युदय नगर, आदर्श नगर और बांद्रा रिक्लेमेशन क्लस्टर प्रोजेक्ट को अडानी की जेब में डालने की साजिश रच रही है लेकिन शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि शिवसेना सरकार की योजना को विफल करके रहेगी। मुंबईकर के तौर पर सभी इस मोर्चे में हिस्सा लें।
घातियों का सहयोगी कौन?… गौतम अडानी की ओर से बड़े नेता को `१५० करोड़!
शीतकालीन सत्र के पहले दिन से ही विपक्ष ने घाती सरकार को घेर रखा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने आरोपों का दौर जारी रखा है। नाना पटोले ने रविवार को नया सनसनीखेज आरोप लगाया है कि गौतम अडानी ने सरकार में अपने सहयोगी के खाते में १५० करोड़ रुपए जमा किए हैं। यह कैसा पैसा है? उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, हम सरकार से इसका जवाब मांगने जा रहे हैं। सत्र में नवाब मलिक की एंट्री से माहौल पहले ही गर्म हो चुका है। इसमें नाना पटोले ने नए गंभीर आरोप लगाकर घातियों की नींद उड़ा दी है। उन्होंने रविवार को मीडिया प्रतिनिधियों से बात की। इस बार उन्होंने घातियों पर नया गंभीर आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है कि सरकार गौतम अडानी से मिली हुई है। हमारे हाथ में एक और बड़ी जानकारी है। गौतम अडानी ने सरकार के एक सहयोगी के खाते में करीब १५० करोड़ रुपए जमा किए हैं। उन्होंने कहा, हम सरकार से पूछने जा रहे हैं कि यह पैसा किस आधार पर दिया गया। उनके इस आरोप से घातियों के पैरों तले जमीन खिसक गई है और राजनीतिक गलियारे में हलचल मच गई है।
पटोले का निशाना कौन है…
नाना पटोले ने ‘घाती’ सरकार में किसी भी नेता का नाम लिए बिना आरोप लगाया है लेकिन उन्होंने कहा है कि घातियों के सहकर्मी नागपुर के बड़े नेता हैं तो कौन है वो नेता जो विपक्ष के निशाने पर है, इस पर सबकी नजर है। सोमवार को इस मुद्दे पर सरकार के मुश्किल में फंसने के संकेत मिल रहे है।

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