मैं हूं `मां’!

कष्टों को हरनेवाली मां दुर्गा हूं मैं
घर को खुशियों से भरनेवाली मां हूं मैं,
मन को पवित्र करनेवाली मां गंगा हूं मैं
परिवार का सृजन करनेवाली मां हूं मैं।
वाणी से प्रसन्न करनेवाली सरस्वती हूं मैं
भूख मिटानेवाली मां अन्नपूर्णा हूं मैं,
घर का भार उठानेवाली भारत माता हूं मैं
सृष्टि को प्रेम सिखानेवाली मां राधिका हूं मैं।
गलत करने पर दंडित करनेवाली काली हूं मैं
लड़की को उनका सम्मान नहीं होता ऐसा क्यों?
जिस घर में बेटी खुश रहती है
उस घर में देवी मां भी प्रसन्न होती हैं।
-श्रद्धा, प्रतापगढ़

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