मुख्यपृष्ठग्लैमर‘मैं संतुष्ट हूं!’ : विद्या मालवदे

‘मैं संतुष्ट हूं!’ : विद्या मालवदे

२००७ में रिलीज हुई शाहरुख खान अभिनीत फिल्म ‘चक दे इंडिया’ को दर्शक आज भी नहीं भुला पाए हैं। फिल्म में ११ लड़कियों की टीम में खूबसूरत वैâप्टन विद्या मालवदे भी थीं। ‘किडनैप’, ‘नो प्रॉब्लम’, ‘ईविल रिटन्र्स’, ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई’ जैसी फिल्मों में काम करनेवाली विद्या मॉडलिंग में आने से पहले एयर होस्टेस थीं। खैर, इस वक्त ‘सोनी लिव’ पर रिलीज हुए वेब शो ‘डॉक्टर अरोरा’ के कारण विद्या चर्चा में हैं। पेश है, विद्या मालवदे से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

  • आपके हिस्से में ज्यादा डॉयलॉग न होने के बावजूद शो ‘डॉक्टर अरोरा’ में आपके परफॉर्मेंस की तारीफ हो रही है?
    अच्छे परफॉर्मेंस की ये परिभाषा तो नहीं है कि कलाकार लंबे-लंबे डायलॉग बोलें। संजीव कुमार और जया भादुड़ी अभिनीत फिल्म ‘कोशिश’ आज भी एक सर्वश्रेष्ठ फिल्म मानी जाती है। इस फिल्म में दोनों मूक-बधिर थे। मेरे द्वारा निभाए किरदार की तारीफ इसीलिए हो रही है क्योंकि अपनी भावनाओं को वो अपनी बॉडी लैंग्वेज और आंखों से दर्शा रही है।
  • इस रोल के लिए आपको किस तरह की तैयारियां करनी पड़ीं?
    सच कहें तो ओटीटी प्लेटफॉर्म दिन दूनी रात चौगुनी प्रगति कर रहा है। जब भी कोई कहानी प्रपोजल के रूप में सामने आती है तो कलाकार उसे स्वीकारते हैं। उसे एक्सेप्ट करने के बाद लगभग उसकी शूटिंग शुरू हो जाती है। तैयारी करने के लिए वक्त ही नहीं मिलता। लेकिन लॉकडाउन के दौरान मुझे समय मिला और मैंने ७० बार स्क्रिप्ट पढ़ी। वैशाली की एक इमोशनल जर्नी है, जिसे वो फील करती है लेकिन उसे संवादों के जरिये बोल नहीं पाती।
  • अपनी अब तक की जर्नी के बारे में आप क्या कहना चाहती हैं?
    अपनी अभिनय जर्नी से मैं संतुष्ट हूं। जैसा कि आप सभी जानते हैं मेरा बैक ग्राउंड अभिनय से संबंधित नहीं है। मैंने लॉ (कानून) में डिग्री हासिल की और इससे पहले कि मैं अपनी एडवोकेट की प्रैक्टिस शुरू करूं मेरा सिलेक्शन लुफ्तांसा एयरलाइंस में एयर होस्टेस के रूप में हो गया। यह जॉब मैंने दो वर्षों तक की। मेरे लुक्स के कारण मुझे कई कमर्शियल्स में काम मिलता गया। मैंने ढेर सारी विज्ञापन फिल्मों में काम किया। इसके बाद शाहरुख खान की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘चक दे इंडिया’ की सफलता से मुझ पर अभिनेत्री का ठप्पा लग गया। मैं जब एयर होस्टेस थी तब भी खुश थी और आज भी संतुष्ट हूं अपनी नई जर्नी से।
  • सुना है आप योग प्रैक्टिशनर भी है?
    ‘योग विद्या निकेतन’ के नाम से मेरा योग इंस्टीट्यूट है, जो जुहू में है। अपने देश में पिछले ५-६ वर्षों से योग का प्रचार और प्रसार शुरू हुआ है, जिसे मैं बरसों से करती आई हूं और आगे चलकर मैं योग प्रैक्टिशनर भी बन गई। अब ये मेरी जिंदगी का एक अटूट हिस्सा बन चुका है।
  • आप फिल्मों में कम और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अधिक सक्रिय नजर आती हैं? क्या आपको फिल्मों के प्रस्ताव नहीं मिल रहे हैं?
    बॉलीवुड की फिल्मों का सारा सिस्टम आपके सामने है। बहुत बड़े ‘ए’ लिस्टर स्टार्स हो तो फिल्म बिक जाती है। ‘ए’ लिस्टर एक्टर के अपोजिट ‘ए’ लिस्टर अभिनेत्री चाहिए। स्टार्स का पारिश्रमिक करोड़ों में होता है और बड़ी फिल्मों का बजट २०० और ३०० करोड़ में। बड़ी-बड़ी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर धराशायी हो चुकी हैं। नेटफ्लिक्स, सोनी लिव, अमेजॉन प्राइम, वूट जैसी कंपनियां ओटीटी के लिए वेब शोज, शॉर्ट फिल्म्स, वेब शोज बना रही हैं। फिल्मों का निर्माण अपने हिसाब से होता रहेगा लेकिन ओटीटी ने कलाकारों को अच्छा किरदार देकर उनकी प्रतिभा का सही उपयोग किया है।

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