मुख्यपृष्ठग्लैमर‘मैं डर्टी गेम नहीं खेल सकती!’-गौरी नागोरी

‘मैं डर्टी गेम नहीं खेल सकती!’-गौरी नागोरी

राजस्थान में जन्मी और हरियाणा में बसी हरियाणवी अदाकारा-डांसर गौरी नागोरी ‘बिग बॉस-१६’ से बाहर हो चुकी हैं। इस शो से हर सप्ताह किसी-न-किसी कंटेस्टेंट का घर से बाहर निकलना या निकाला जाना तय होता है। अबकी बार गौरी नागोरी ‘बिग बॉस’ के घर से बेदखल हुई हैं। पेश है, गौरी नागोरी से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

• ‘बिग बॉस’ के घर से आउट होने की क्या वजह रही?
‘बिग बॉस’ के घर में मेरी थोड़ी-बहुत दोस्ती सौंदर्या शर्मा से हुई। लेकिन ‘बिग बॉस’ के घर में हर दूसरा व्यक्ति दोगला है और मैं ये डर्टी गेम नहीं खेल सकती। सभी एक-दूसरे को घर से बाहर भेजना चाहते हैं। इस गेम में मेरा नंबर लग गया। प्रियंका जो मन में है वो बोलने वाली है। प्रियंका की तरफ बार-बार उंगली की गई, जो ये दर्शाता है कि प्रियंका घर से बेदखल होगी लेकिन मेरा घर से बेदखल होना सभी के लिए चौंकाऊ था। सब कुछ वैâसे बदल गया मुझे पता नहीं।

• क्या आपकी कोई स्ट्रेटजी थी?
मैंने कोई स्ट्रेटजी नहीं बनाई यही गलती हुई। मैं जैसी हूं वैसे ही ‘बिग बॉस’ के घर में नजर आऊं ये मेरी सोच थी, जिस पर मैं अटल थी। यहां बहुत पॉलिटिक्स है।

• आपके अनुसार आपके खिलाफ किसने साजिश की होगी?
ये कहना मुश्किल होता है। अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए सभी गेम खेलते हैं। सभी का एक-दूसरे पर लांछन लगाना जैसे ढर्रा बन चुका है। ऐसे में यह शत-प्रतिशत कहना आसान नहीं कि कौन कुसूरवार है? कौन कर रहा है साजिश? मुझे ‘बिग बॉस’ के घर में अच्छी वाइब्स नहीं आई। प्रियंका के साथ मेरी बनी नहीं, तब लगा या तो वो रहेगी या फिर मैं। मुझे निकलना पड़ा। ‘बिग बॉस’ के घर में रिश्तों के मायने बदल जाते हैं। ‘बिग बॉस’ के घर सभी सदस्यों में एटीट्यूड कूट-कूट कर भरा है, ऐसे फेक लोग मुझे पसंद भी नहीं।

• विवादास्पद निर्देशक साजिद खान का घर में बर्ताव कैसा रहा?
साजिद खान विवादास्पद हैं ये तो सभी जानते हैं। उनका बर्ताव भी घर में विवादास्पद ही रहा है, जिसकी उम्मीद थी। अपने बर्ताव को लेकर वे चर्चाओं में रहे हैं इसके बावजूद वे ‘बिग बॉस’ में टिके हैं। उन पर सेक्सुअल मिस बिहेवियर के इल्जाम लगे थे। साजिद खान से शो की शुरुआत में अच्छे रिश्ते थे। लेकिन आगे चलकर माहौल बदला और मुझे नॉमिनेट करने के लिए वोट्स कम मिले। ‘बिग बॉस’ के घर में फेक रिश्ते बन जाते हैं, जो ‘बिग बॉस’ तक सीमित होते हैं।

• सुना है आपके परिवार ने आपके डांसर बनने का सख्त विरोध किया था?
मेरे परिवार ने कभी नहीं चाहा कि मैं डांसर बनूं। यह समाज की मानसिकता है कि उन्हें स्टेज पर युवतियों को डांस करते हुए देखना अच्छा लगता है लेकिन उनके परिवार की बेटी अगर स्टेज पर डांस करे तो यह उनके लिए अपमानजनक बात होती है। मेरी मां नहीं चाहती थी कि मैं डांस करूं।

• अंग्रेजी भाषा न आने के कारण क्या आपमें हीन भावना थी?
मुझे अभी भी अंग्रेजी भाषा का ज्ञान नहीं है। लेकिन हां यह भाषा आना आवश्यक तो नहीं लेकिन आने से बेहतर होता है। अक्सर मुझे यह कहने में गर्व होता है की राष्ट्रभाषा हिंदी को मैं अपनी मातृभाषा मानती हूं, हिंदी का ज्ञान अच्छा होने से मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। आखिर अपनी मातृभाषा ही सभी भाषाओं की जननी होती है।

• ४२ दिनों में शो से आउट होने से आपको शो में हिस्सा लेने का पछतावा होता होगा?
मुझे कभी पछतावा नहीं हुआ। मैं कलर्स चैनल और बिग बॉस की शुक्रगुजार हूं जो उन्होंने मुझे इस शो में मौका दिया। मुझे मेरी जिंदगी में जो पाठ ‘बिग बॉस’ ने पढ़ाया वो किसी और ने नहीं दिया। मेरे लिए जीवन भर का सबक है। इन अनुभवों से मेरी ग्रोथ निश्चित है। ‘बिग बॉस’ के कारण और भी रास्ते मेरे लिए खुलेंगे।

अन्य समाचार