मुख्यपृष्ठग्लैमर`मेरी ख्वाहिश है कि...!' : अभय मिश्रा

`मेरी ख्वाहिश है कि…!’ : अभय मिश्रा

जनवरी २०१९ में मुंबई आए अभय मिश्रा ने महज तीन माह के संघर्ष के बाद न केवल ‘मिस्टर मुंबई’ का खिताब हासिल किया, बल्कि वे टीवी इंडस्ट्री में भी दाखिल हो गए। वहां उनकी मेहनत रंग लाई और वे दर्जनों धारावाहिकों में महत्वपूर्ण किरदार निभाने के बाद अब वे ‘स्टार भारत’ पर धारावाहिक `राधा कृष्ण’ में बाला का प्रमुख किरदार निभा रहे हैं। पेश है, अभय मिश्रा से सोमप्रकाश `शिवम’ की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

  • अपने किरदार के बारे में कुछ बताएंगे?
    ये किरदार मुझे काफी मशक्कत के बाद मिला है, इसके लिए कई मुझे ऑडिशन देना पड़ा। अगर किरदार के बारे में बात करूं तो ये जस्ट लाइक शकुनि, जो महाभारत में था। इसकी कहानी एक साउथ की स्टोरी पर आधारित है।
  • बिना गॉडफादर के मुकाम पाना आपके लिए कितना आसान रहा?
    आसान तो बिल्कुल नहीं था क्योंकि मेरे आने के महज एक साल में ही लॉकडाउन लग गया। इस बीच काम मिलने में काफी दिक्कत हुई। इंडस्ट्री से जुड़े लोग काफी परेशान थे खासकर जिनका करियर अभी शुरू ही हुआ था। सच कहूं तो मुकाम बनाना बहुत दूर का काम है। लेकिन मैं उस रास्ते पर निकल पड़ा हूं, जिससे मुकाम हासिल किया जाएगा।
  • बिना एक्टिंग का कोर्स किए आपने यहां तक का सफर कैसे किया?
    मेरे हिसाब से एक्टिंग का कोर्स करना जरूरी नहीं है। हां, एक्टिंग का ज्ञान होना बहुत जरूरी है। ऐसा भी नहीं कि बिना कुछ सीखे आप यहां पर आ जाए और आपको काम मिल जाए। कुछ-न-कुछ तो आपको अभिनय से जुड़ा जरूर आना चाहिए। सच कहूं तो परिस्थितियों ने मुझे एक्टिंग सीखा दिया। मेरे जीवन में जो घटित हुआ, वह किसी अभिनय से कम नहीं था और मैंने उसी को हथियार बनाकर अभिनय की पाठशाला में पारंगत होने के लिए सिनेमा में एडमिशन ले लिया।
  • अभिनय से पूर्व आप दिल्ली में किसी प्राइवेट कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत थे। फिर अचानक ऐसा क्या हुआ जो मायानगरी मुंबई में बसेरा कर लिया?
    मैं अभिनय से पूर्व दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में अकाउंटेंट के तौर पर काम किया करता था। बचपन से अभिलाषा थी कि मैं जीवन में ऐसा कुछ करूं कि लोग मुझे मेरे काम से पहचाने और मैं एक दिन अपने लोगों के बीच उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हो सकूं, उनको किसी-न-किसी रूप में मदद कर सकूं। बस, यही सपना लेकर मायानगरी में जम चुका हूं।
  • आज बड़े से बड़े प्रोडक्शन हाउस के धारावाहिकों में निरंतर मिल रहे कार्य को आप कैसे देखते हैं?
    ईश्वर की कृपा है, जो मुझे निरंतर काम मिलता जा रहा है और जो मुझे मिल रहा है, बस मैं वही करता जा रहा हूं, अब रुकना नहीं है। मुझे अभी और आगे जाना है, बस यही कोशिश है मेरी।
  • क्या कभी टीवी इंडस्ट्री से बाहर निकलकर फिल्मों की तरफ जाने का भी प्रयास करेंगे?
    अगर मौका मिला तो जरूर करेंगे। हालांकि, आप सभी जानते हैं कि टीवी पर आनेवाले सभी कलाकारों की यही ख्वाहिश रहती है कि वे आगे चलकर बड़े पर्दे पर काम करें। मैंने करियर की शुरुआत भले ही छोटे पर्दे से की है, लेकिन मेरी भी यही ख्वाहिश है कि मैं जल्द ही बड़े पर्दे के लिए भी काम करूं।

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