मुख्यपृष्ठनए समाचारहिंदुत्व का बाप कोई होगा तो वे बालासाहेब ठाकरे हैं- संजय राऊत

हिंदुत्व का बाप कोई होगा तो वे बालासाहेब ठाकरे हैं- संजय राऊत

सामना संवाददाता / मुंबई
`आज फादर्स डे’ है। `फादर ऑफ नेशन’ अर्थात राष्ट्रपिता। लेकिन हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे हमेशा कहते थे कि इस देश का बाप नहीं है। हालांकि विश्व में हिंदुत्व का बाप कोई होगा तो वे बालासाहेब ठाकरे हैं। जिनके मन और रोम-रोम में हिंदुत्व है वे साहेब को अपना बाप ही मानते हैं। ऐसा शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने कल शिवसेना के स्थापना दिन पर आयोजित समारोह में कहा।
संजय राऊत ने कहा कि ५६ साल पहले बालासाहेब ठाकरे ने मुंबई में एक चिंगारी भड़काई। इन ५६ सालों में यह पूरे देश में दावानल बन गई। आज उस दावानल का ५६वां स्थापना दिवस है। अब तक छप्पन हुई है, लेकिन आगे बहुत कुछ है यह विरोधियों को समझना चाहिए, ऐसी चेतावनी उन्होंने इस दौरान दी। अयोध्या में आदित्य ठाकरे का बड़े उत्साह और जोश के साथ स्वागत हुआ। बालासाहेब के उत्तराधिकारी आए हैं, इसलिए साधु-संतों ने उन्हें आशीर्वाद दिया। यह आशीर्वाद अपने हिंदुत्व को था और उसमें बालासाहेब के प्रति सद्भावना थी। इसलिए शिवसेना का हिंदुत्व क्या है और कैसा  है, किस दिशा में जा रहा है इस बारे में किसी से भी मार्गदर्शन लेने की जरूरत नहीं है। इस तरह का तंज सांसद राऊत ने विरोधियों पर कसा।
तेरा घमंड तो चार दिन का है!
हमारी बादशाहत तो खानदानी है!
राज्यसभा में एक स्थान जीतने के बाद घमंड से घूमनेवाले विरोधियों की संजय राऊत ने इस दौरान जोरदार खिंचाई की। इस राज्य की बागडोर शिवसेना और उद्धव ठाकरे के पास ही रहेगा, यह कहते हुए उन्होंने `तेरा घमंड तो चार दिन का है, हमारी बादशाहत तो खानदानी है’ ऐसा जोरदार शेर कहा। कोई कितनी भी तलवारबाजी करें इस बादशाहत को नाखून भी नहीं लगा सकता है, ऐसा उन्होंने कहा।
ठेके पर गुलाम रखे जाते हैं, सैनिक नहीं!
केंद्र सरकार के `अग्निपथ योजना’ पर भी संजय राऊत ने तंज कसा। ठेका पद्धति से गुलाम नियुक्त किए जाते हैं, देश के सैनिक नहीं यह वक्तव्य देते हुए उन्होंने आगे कहा कि विश्व पटल पर ऐसा मूर्खतापूर्ण निर्णय किसी भी शासक ने नहीं लिया है। देश में आग लग गई है लेकिन महाराष्ट्र शांत है। क्योंकि इस राज्य की बागडोर उद्धव ठाकरे के पास है। इस तरह का जवाब उन्होंने विरोधियों को दिया। `मिस्टर फडणवीस’ केवल साजिश कर राज्य नहीं चलाया जा सकता, सभी को एक साथ लेकर राज्य चलाना पड़ता है और वह क्षमता केवल उद्धव ठाकरे के पास है, इस तरह का तंज भी उन्होंने कसा।
आड़े आओगे तो सिर पर नहीं बिठाएंगे, तोड़े जाओगे!
संजय राऊत ने कहा कि राणा, बाणा, काना जैसे अनेक मामूली लोग शिवसेना पर छोड़े गए। लेकिन शिवसेना का स्वाभिमान, राष्ट्रवाद, मराठी स्वाभिमान यह सभी के छाती पर पैर रखकर खड़ा है। इनकम टैक्स, ईडी, सीबीआई से हमें भय नहीं है। आड़े आओगे तो सिर पर नहीं बिठाएंगे, तोड़े जाओगे, ऐसी इस महाराष्ट्र की मिट्टी है। ऐसी चेतावनी भी संजय राऊत ने इस दौरान दी।

अन्य समाचार