मुख्यपृष्ठनए समाचार`भाजपा है तो मुमकिन है' : अभ्यर्थी को मिले २०० में से...

`भाजपा है तो मुमकिन है’ : अभ्यर्थी को मिले २०० में से २१४ अंक  

लेखपाल परीक्षा में बड़ा घोटाला!
सामना संवाददाता / मुंबई
पांच जनवरी को हुई तलाठी (लेखपाल) भर्ती परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद बड़ा घोटाला सामने आया है। इस परीक्षा को टॉप करने वाले अभ्यर्थी को २०० अंक के पेपर में से २१४ अंक मिले हैं। इसी टॉपर को कुछ दिन पहले हुए वन रक्षक पद की परीक्षा में केवल ५४ अंक मिले थे। इन दिनों परीक्षाओं में १४ दिनों का अंतर होते हुए यह वैâसे संभव हुआ। इस तरह की आपत्ति जताते हुए प्रतियोगी परीक्षा समन्वय समिति ने नतीजे पर सवाल उठाया है। इस भर्ती परीक्षा में घोटाला हुआ है और अब इसकी गहन जांच की मांग की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा है तो मुमकिन है।
इन सभी मामलों के बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने भी जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि २०० अंकों में से अभ्यर्थी को २१४ मिलते हैं, तो यह स्पष्ट है कि पूरी प्रणाली कितनी गंभीर काम कर रही है। तलाठी भर्ती परीक्षा एक बड़ा घोटाला है। इस पूरे घोटाले की जांच एसआईटी से कराने की मांग वडेट्टीवार ने की है। इस आरोप पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि तलाठी भर्ती के घोटाले के सबूत विजय वडेट्टीवार दें। सबूत मिलने के बाद परीक्षा रद्द कर दी जाएगी।
रोहित पवार ने कसा तंज
लेखपाल भर्ती परीक्षा में २०० में से २१४ अंक मिलना यानी महाराष्ट्र में भाजपा के ४८ में से ६० सांसद चुनकर आने जैसा है। तलाठी भर्ती के इस नतीजे को देखकर कहना पड़ेगा कि भाजपा है तो मुमकिन है। तलाठी भर्ती में कई स्थानों पर एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन इस सरकार ने पूरी तरह से उसकी अनदेखी की।
१,५०० करोड़ से अधिक का है घोटाला
रोहित पवार ने कहा कि तलाठी भर्ती प्रक्रिया में एक जगह के लिए २५ लाख से अधिक की वसूली हुई। सरकार, अधिकारी और परीक्षा लेने वाली कंपनी सभी इसमें शामिल हैं। करीब १,५०० करोड़ रुपए से अधिक का यह घोटाला है। केवल कुछ करोड़ रुपए की रिश्वत के लिए सालों से अध्ययन करने वाले लाखों युवाओं और उनके माता पिता के सपनों का खून करने का पाप इस सरकार ने किया है।

‘युवाओं के सपने हो रहे है चकनाचूर’
राज्य की ईडी सरकार युवक- युवतियों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है। युवा- युवतियों के सपने जहां चकनाचूर हो रहे है। वही सरकार इस मामले में युवाओं से सबूत मांग रही है। इस मामले को लेकर राकांपा प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील ने सरकार पर जमकर लताड़ लगाई है। गौरतलब हो कि तलाठी भर्ती घोटाले को लेकर चल रहे विवाद पर जयंत पाटील ने अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने इस बात पर रोष व्यक्त किया है कि भ्रष्टाचार के कारण प्रतियोगी परीक्षा के दौरान लगातार पेपर फूटने के कारण ईमानदारी से पढ़ाई कर सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद रखने वाले सभी युवक युवतियों का सपना टूट रहा है और उपमुख्यमंत्री इस मामले में सबूत मांग रहे हैं। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर इस बारे में बात करते हुए कहा कि तलाठी भर्ती परीक्षा का परिणाम हाल ही में घोषित किया गया था। परीक्षा में अंक में से २०० से अधिक अंक वैâसे दिए गए। यह कैसे हुआ,इस पर उपमुख्यमंत्री को खुलासा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासनिक उदासीनता का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। पेपर फूटने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।

अन्य समाचार