मुख्यपृष्ठनए समाचार‘अपराधियों’ को बनना है विधायक तो तीन बार देना होगा विज्ञापन!

‘अपराधियों’ को बनना है विधायक तो तीन बार देना होगा विज्ञापन!

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
हिंदुस्थान में इन दिनों त्योहारों का मौसम चल रहा है। इसके बाद कई राज्यों में चुनाव का मौसम शुरू हो सकता है। महाराष्ट्र में मुंबई मनपा तो वहीं पड़ोसी राज्य गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। नवंबर के अंत तक गुजरात में दो चरणों में तो वहीं हिमाचल में एक चरण में विधानसभा चुनाव संपन्न हो सकते हैं। हालांकि अभी गुजरात चुनाव की तारीख का एलान नहीं किया गया है। लेकिन चुनाव से संबंधित तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने दो रोज पहले गुजरात का दौरा किया। इस दौरान एक पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार को चुनने पर राजनीतिक दलों को औचित्य देना होगा। इसके अलावा ऐसे उम्मीदवारों को अपने आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में तीन बार विज्ञापन देना होगा ताकि नागरिक उनके बारे में जानकर निर्णय ले सकें.
सीईसी राजीव कुमार ने तैयारियों का जायजा लेने के बाद गांधीनगर में पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए बताया कि गुजरात में करीब ४.८३ करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं और आने वाले चुनावों के लिए १८२ विधानसभा क्षेत्रों में ५१,७८२ मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। इसके साथ ही आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों को लेकर भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विशेष दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई पार्टी आपराधिक छवि के उम्मीदवार को उतारती है, तो उन्हें बताना होगा कि ऐसी क्या बाध्यता थी कि उन्हें ऐसे उम्मीदवारों को चुनना पड़ा। यह उनको अपने सोशल और प्रिंट मीडिया में बताना होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय ने प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बैठक की और आगामी विधानसभा चुनावों को प्रलोभन मुक्त और सुचारु रूप से संचालन के विषय पर बातचीत की। चुनाव आयोग की टीम सोमवार को गुजरात में अधिकारियों के साथ भाजपा और कांग्रेस के प्रतिनिधियों से मिली तथा उनसे राज्य विधानसभा चुनाव के संचालन के संबंध में अपने सुझाव देने के लिए भी कहा गया।
…तो चुनाव अधिकारी खुद आएंगे घर
मीडिया को संबोधित करते हुए राजीव कुमार ने कहा कि यदि कोई मतदान केंद्र पर मतदान करने के लिए नहीं आ पाता है, तो हम घर जाकर वोट लेंगे। पूरी मतदान प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी। सीईसी के अनुसार पोस्टल बैलेट सुविधा का लाभ उठाने के लिए वोटर को पहले ही फॉर्म १२डी भरना होगा। इस बार वरिष्ठ नागरिकों, विकलांग, महिलाओं और पहली बार के मतदाताओं पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। प्रत्येक मतदाता की भागीदारी आवश्यक है।

 

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