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नंदी बैल से भी पूछोगे तो कहेगा भाजपा की नहीं आएगी सरकार! … उद्धव ठाकरे का जोरदार हमला

सामना संवाददाता / मुंबई
पहले के समय में वासुदेव के सुबह-सुबह गांव में आने के बाद, दिन की शुरुआत पवित्रता के साथ होती थी। मनोकामना पूर्ति के लिए नंदी बैलों से प्रार्थना की जाती थी। अब यदि नंदी बैल से भी कोई पूछे कि भाजपा की सरकार आएगी क्या? तो उसका भी उत्तर ‘नहीं’ में होगा, ऐसा तंज कसते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने यह भी कहा कि खोकों से सरकार लाई जा सकती है लेकिन संस्कार नहीं।

शिवसेना को आराध्य देव के उपासकों का समर्थन!

• महाराष्ट्र की परंपरा का अनुसरण करने वाले, लोककला से नाता जोड़नेवाले जोशी, कुडमुडे, गोंधली, वासुदेव, चित्रकथी, मेढंगी, बागड़ी, सरोदे समाज के सेवाकर्ता, लोक कलाकारों ने मंगलवार को शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे से ‘मातोश्री’ निवास स्थान पर जाकर मुलाकात की। इस दौरान शिवसेना सचिव, सांसद विनायक राऊत उपस्थित थे।

महाराष्ट्र की लोक संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने वाले जोशी, कुडमुडे, गोंधली, वासुदेव, चित्रकथी, मेधांगी, बागड़ी, सरोदे, महाराष्ट्र एनटी-ब श्रेणी के बंधुओं, आराध्य देवताओं के उपासक, भिक्षुक आदि सैकड़ों लोगों ने पारंपरिक परिधान में कल उद्धव ठाकरे से ‘मातोश्री’ आवास पर मुलाकात की।
इस अवसर पर वे अपने साथ नंदी बैल भी लाए थे। उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के प्रति जनसमर्थन व्यक्त करते हुए उनके साथ हुए अन्याय को दूर करने का संकल्प भी लिया। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद आज भी नौकरियों के लिए भटक रहे हैं। हमारे पास आरक्षण नहीं है, सरकार ने हमें पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है, ऐसी शिकायत भी की। उद्धव ठाकरे ने उन सभी का स्वागत करते हुए उनका मार्गदर्शन भी किया। उन्होंने अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि बहुत दिनों के बाद उन्होंने वासुदेव, गोंधली, नंदीबैल को देखा। इससे पहले वासुदेव के आगमन के बाद दिन की शुरुआत पवित्रता से होती थी। सुबह तो हो रही है, लेकिन ये परंपराएं शहर से गायब हो चुकी हैं। अब मंत्री यह पता लगाने में जुटे हैं कि कुर्सी वैâसे बचेगी। कई मंत्री परेशान हैं, लेकिन क्या एक भी मंत्री आपके समाज के साथ हो रहे अन्याय को देखकर परेशान है? ‘मिंधे’ सरकार की ऐसी आलोचना भी उद्धव ठाकरे ने की।

परंपराओं को बचाने के लिए बुलाएंगे सम्मेलन!
इस मौके पर उद्धव ठाकरे ने वासुदेव, गोंधली और अन्य समुदाय के लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि तुम पूरे राज्य में एकजुट रहो। बाद में हम उन लोगों को इकट्ठा करेंगे, जो इन सभी परंपराओं और संस्कृतियों को संरक्षित करते हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि आपको उस बैठक में खुलकर अपना दर्द व्यक्त करना चाहिए। यह बहुत बड़ा सौभाग्य है कि आप मातोश्री आए। बिजली आ गई तो कोई बात नहीं, लेकिन हम अपनी संस्कृति को मिटने नहीं देंगे। शिवसेना आपके साथ है। उद्धव ठाकरे ने इन शब्दों में आश्वासन दिया कि आपके साथ हो रहे अन्याय को दूर किया जाएगा। शिवसेना का दशहरा सम्मेलन समारोह धूमधाम से शिवतीर्थ पर आयोजित होगा। उन्होंने सभी को शिवतीर्थ पर आने का आह्वान भी किया।

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