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यदि अपमानजनक-अश्लील पोस्ट किया है तो सिर्फ माफी मांगने से काम नहीं चलेगा!-सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
सोशल मीडिया पर अश्लील और अपमानजनक पोस्ट के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने बेहद गंभीरता से लिया है। एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी तरह के अपमानजनक और अश्लील पोस्ट करने पर व्यक्ति को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ऐसे मामलों में सिर्फ माफी मांगने से काम नहीं चलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता और तमिलनाडु के पूर्व विधायक एसवी शेखर राव के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करने के मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया। इस पोस्ट में शेखर राव ने महिला पत्रकारों पर बेहद घटिया टिप्पणी की थी।
सुनवाई के दौरान शेखर राव के वकील ने कहा कि यह पोस्ट उनके मुवक्किल ने अनजाने में शेयर किया था, लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील नहीं मानी और ७२ वर्षीय नेता की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी। बता दें कि शेखर राव ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था, जिस पर महिला पत्रकारों और कई अन्य लोगों ने आपत्ति जताई थी। इस पोस्ट के कारण उनके खिलाफ तमिलनाडु में कई मामले दर्ज किए गए थे। शेखर के वकील ने कहा कि गलती का एहसास होने के बाद अभिनेता ने पोस्ट हटा दी। साथ ही बिना शर्त माफी भी मांगी गई। कोर्ट ने कहा कि आपके दर्शकों ने अनजाने में पोस्ट को बिना पढ़े शेयर कर दिया था, क्योंकि वे उस समय ठीक से देख नहीं पाए थे। शेखर राव द्वारा शेयर किया गया पोस्ट वायरल हो गया।
बता दें कि शेखर राव, जिन्होंने एक नेता और एक अभिनेता दोनों की भूमिकाएं निभाई हैं, के वकीलों ने कहा कि उनके मुवक्किल द्वारा इसे साझा करने के कुछ ही क्षण बाद यह पोस्ट वायरल हो गई। शेखर राव ने वकीलों के जरिए कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मैं एक सम्मानित परिवार से आता हूं और मेरा परिवार महिला पत्रकारों का सम्मान करता है। जब मैंने पोस्ट शेयर किया तो मेरी आंखों में दवा डली हुई थी, इसलिए मैं पोस्ट का कंटेंट नहीं पढ़ सका।

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