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अपने दिल ने दिया दगा तो दूसरे के दिल ने बचाई जान!

सामना संवाददाता / मुंबई
३४ वर्षीय व्यक्ति का दिल गंभीर बीमारी का शिकार होने के कारण दगा दे दिया। इसके बाद चिकित्सकों ने उसे हार्ट ट्रांसप्लांट कराने का सुझाव दिया। ऐसे में डोनर की तलाश कर व्यक्ति के सीने में दूसरे के दिल को प्रत्यारोपित किया गया तो कहीं जाकर उसकी जान बच सकी। फिलहाल मरीज अब पूर्ण स्वस्थ है। मुंबई निवासी ३४ वर्षीय किशोर सोनावणे को पिछले दो साल से सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। जांच के दौरान उन्हें गंभीर माइट्रल और ट्रायक्‍यूस्पिड रिगर्गिटेशन व डायलेटेड आईवीसी का निदान हुआ। इस बीमारी में उनका दिल अपनी कुल क्षमता का महज २० फीसदी ही काम कर रहा था।
हृदय प्रत्यारोपण की दी गई सलाह
मुंबई के परेल स्थित ग्लोबल अस्पताल के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट और हार्ट ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. प्रवीण कुलकर्णी ने मरीज को हृदय प्रत्यारोपण कराने की सलाह दी। साथ ही परीक्षणों के निष्कर्ष के आधार पर मरीज को हृदय प्रत्यारोपण के लिए पंजीकृत किया। इस बीच वडोदरा से हार्ट अलर्ट मिला और अस्पताल की एक टीम हार्ट रिट्रीवल के लिए वहां गई। इसके बाद वडोदरा से दिल लाकर किशोर में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया गया।
९ घंटे चली सर्जरी
डॉ. प्रवीण कुलकर्णी और डॉ. चंद्रशेखर कुलकर्णी के नेतृत्व में डॉ. शैलेश कामखेडकर की टीम ने नौ घंटे तक यह सर्जरी की। सर्जरी के बाद मरीज को आईसीयू में लाया गया। फिलहाल अब मरीज डिस्चार्ज के लिए फिट है।

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