मुख्यपृष्ठनए समाचारबीमारी देती है शराब ... थोड़ी-थोड़ी भी मत पिया करो... मेरे यार!

बीमारी देती है शराब … थोड़ी-थोड़ी भी मत पिया करो… मेरे यार!

  • अमेरिका के शोधकर्ताओं ने किया खुलासा 
  • कम शराब पीनेवालों को है ज्यादा खतरा

एजेंसी / वॉशिंगटन
मशहूर गजल गायक पंकज उधास की एक गजल है, `महंगी हुई शराब… थोड़ी-थोड़ी पिया करो, ये लाइन अब’ बीमारी देती है शराब… थोड़ी-थोड़ी भी मत पिया करो’ पर चरितार्थ होनेवाली है। दरअसल शराब पीनेवाले अक्सर कहते हैं कि हम कम पीते हैं, हमें कोई बीमारी नहीं होगी। इस गलतफहमी को दूर करनेवाला खुलासा अमेरिका के शोधकर्ताओं ने किया है। उनका कहना है कि ज्यादा शराब पीनेवालों की अपेक्षा कम पीनेवालों को बीमारी होती है।
बता दें कि यूटी आस्टिन मनोविज्ञान के प्रोफेसर  चाल्र्स होलाहन (पीएचडी) और उनके सहयोगियों ने अमेरिकी वयस्कों के नमूनों का विश्लेषण किया है। उन्होंने पाया कि अनियंत्रित रूप से शराब पीनेवाले लोगों के मुकाबले मध्यम मात्रा में पीनेवाले लोगों में शराब से जुड़ी कई बीमारियों के होने की आशंका लगभग पांच गुना अधिक थी। नौ साल बाद उनमें अधिक शराब की समस्याएं करीब दोगुनी हो गईं। जो पुरुष दिन में दो ड्रिंक और महिला एक ड्रिंक लेती है, उन्हें (मार्डरेट यानी मध्यम मात्रा में शराब पीने वाला माना गया है। वे लोग जो पांच या उससे ज्यादा ड्रिंक एक दिन में पीते हैं, उन्हें (बिंग) अनियंत्रित रूप से पीनेवाला माना जाता है।
शोधकर्ताओं ने पीने के पैटर्न को बेहतर तरीके से समझने के लिए एक सर्वे किया। इसके तहत, शराब पीने वाले ३० और उससे ज्यादा की उम्र के १,२२९ लोगों की प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण किया गया। संयुक्त राज्य अमेरिका के अध्ययन में मिडलाइफ डेवलपमेंट की दो तरंगों से लिए गए डेटा ने शोधकर्ताओं को देखने की मंजूरी दी कि पिछले नौ वर्षों में इन लोगों के पीने का पैटर्न कैसा  रहा? इस शोध के परिणाम ने शोधकर्ताओं को हैरान कर दिया। इसके तहत उन लोगों में स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं ज्यादा देखी गईं , जो रोजाना औसत शराब पीनेवाले थे। यानी कि जो लोग शराब का रोजाना कम सेवन करते हैं, उनमें उन लोगों के मुकाबले शराब से जुड़ी बीमारियां ज्यादा होने का खतरा है, जो एक बार में अत्यधिक खराब का सेवन करते हैं।

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