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झांकी : छवि की चिंता

  • अजय भट्टाचार्य

छवि की चिंता
गुजरात शराबकांड को लेकर राज्य के गृहमंत्री हर्ष संघवी ने बिना समय गंवाए इस त्रासदी को सरकार की छवि खराब करने के लिए कुछ लोगों की कोशिश बताते हुए सरकार का बचाव करने का पांसा तो फेंक दिया, मगर एक घंटे बाद अचानक लगा कि उनकी अच्छी भावना प्रबल हो गई है या किसी ने उन्हें सलाह दी कि यह बयान सरकार पर भारी पड़ेगा। इसके तुरंत बाद उनके विभाग ने एक नया बयान जारी किया, जिसमें ‘सरकार की छवि खराब करने’ संबंधित वाक्यांश गायब हो गया। संघवी को अपनी साख के लिए पहली बड़ी चोट का सामना करना पड़ा है। दूसरी तरफ मुख्य सचिव के साथ कैबिनेट की बैठक में सबसे बड़ी मानव निर्मित त्रासदी पर न तो कोई चर्चा हुई और न ही कोई बातचीत। मुख्यमंत्री ने मानसून पर एक लंबी प्रस्तुति के साथ शुरुआत की, गायों, फसलों आदि में ढेलेदार त्वचा रोग की ओर बढ़ गए। इस पर एक नाराज अधिकारी ने टिप्पणी की कि अब सरकार क्या और किससे छिपाने की कोशिश कर रही है, जबकि सारी दुनिया जानती है कि त्रासदी क्यों हुई?
मारक के बचाव में उतरी भाजपा
मानव तस्करी, वेश्यावृत्ति और अवैध हथियार मामले में गिरफ्तार मेघालय भाजपा के उपाध्यक्ष बर्नार्ड एन. मारक के समर्थन में राज्य भाजपा उतर गई है। राज्य भाजपा प्रमुख अर्नेस्ट मावरी ने एक बयान जारी कर कहा कि आरोपी को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बनाकर अन्यायपूर्ण तरीके से फंसाया और बदनाम किया गया है। भाजपा मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के नेतृत्ववाली सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार का एक घटक है, जिसका नेतृत्व मौजूदा मुख्यमंत्री कोनराड संगमा कर रहे हैं। संगमा और उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसोंग ने कहा है कि सब कुछ कानून के अनुसार किया जा रहा है। वेस्ट गारो हिल्स पुलिस ने मारक के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोस्को) अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत नए मामले दर्ज किए हैं। इसके अलावा गुरुवार को उसके फॉर्महाउस से विस्फोटक पदार्थों की बरामदगी के कारण विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
राजनीतिक एजेंट कलेक्टर को हटाओ!
भाजपा ब्रांड लोकतंत्र के हिमायती बननेवाले पन्ना जिले के कलेक्टर संजय मिश्रा को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक जस्टिस विवेक अग्रवाल ने तगड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि कलेक्टर एक राजनीतिक एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। अधिकारी को `प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों से कोई सरोकार नहीं है’ और इसलिए उन्हें जिला कलेक्टर के पद से हटा दिया जाना चाहिए। दरअसल २५ सदस्यीय गुन्नौर जनपद पंचायत में उपाध्यक्ष पद के लिए २७ जुलाई को हुए चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार परमानंद शर्मा ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा समर्थित रामशिरोमणि मिश्रा को हराया था। उसी दिन चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए पन्ना जिला कलेक्टर के समक्ष रामशिरोमणि मिश्रा द्वारा एक चुनाव याचिका दायर की गई। विजेता परमानंद शर्मा ने आरोप लगाया कि जिला कलेक्टर संजय मिश्रा ने उन्हें सुनवाई का मौका दिए बिना चुनाव परिणाम को रद्द करते हुए एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया। इसके बाद उन्होंने अगले दिन लॉटरी सिस्टम के जरिए नए सिरे से चुनाव कराने के लिए कहा और बाद में हारने वाले उम्मीदवार रामशिरोमणि मिश्रा को विजेता घोषित कर दिया।
रोइये मत
पिछले शनिवार-रविवार को भाजपा के सभी मोर्चों की कार्यकारिणी बैठक की भीतरी खबरें छनकर बाहर आ रही हैं। उससे संगठन और सरकार के स्तर पर मची अंदरूनी सिर फुटव्वल उजागर हो रही है। अमित शाह के सामने विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने बाढ़ ग्रामीण जिलाध्यक्ष पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया तो मंत्री रामसूरत राय के विभाग में रद्द ट्रांसफरों को राज्य सरकार का एकतरफा फैसला  बताया गया। विधायक मिश्री लाल यादव ने दरभंगा सांसद गोपालजी ठाकुर के खिलाफ शिकायत की तो विधायक मुरारी मोहन झा ने मिश्री लाल यादव के मुखिया बेटे के कृत्यों पर नाराजगी जताई। गृहमंत्री अमित शाह ने प्रशासन और संगठन दोनों स्तर पर शिकायत करनेवाले विधायकों-विधान पार्षदों और सांसदों को स्पष्ट कहा कि प्राब्लम सॉल्वर बनिए। रोनेवाले नेता पर जनता विश्वास नहीं करती है।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनके स्तंभ प्रकाशित होते हैं।)

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