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बिहार में ‘नीतीश मतलब एनडीए और एनडीए मतलब…’ जेडीयू ने भाजपा को स्पष्ट शब्दों में समझाया

सामना संवाददाता / पटना
चिराग पासवान और मुकेश सहनी जैसे सहयोगियों से विश्वासघात करने के बाद भाजपा ने महाराष्ट्र में अपनी पूर्व सहयोगी शिवसेना के विधायकों को फोड़कर पीठ में छुरा मारने का काम किया है। लेकिन इस कृत्य से भाजपा के प्रति दूसरे सहयोगियों में अविश्वास बढ़ा है। ऐसे में बिहार एनडीए में नीतीश कुमार के क्या मायने हैं, इस बारे में उन्हीं के पार्टी के संसदीय बोर्ड के चेयरमैन उपेंद्र कुशवाहा ने शनिवार को काफी सरल अंदाज में समझाया। कुशवाहा ने स्पष्ट कर दिया कि बिहार में ‘NDA is Nitish Kumar and Nitish Kumar is NDA’.
उपेंद्र कुशवाहा ने अपने इस बयान के जरिए साफतौर पर भाजपा को संदेश देने की कोशिश की है कि बिहार में नीतीश कुमार को हल्के में न लें और उनके खिलाफ अनर्गल बयानबाजी न करें। नीतीश कुमार को लेकर किसी के मन में कोई शंका है तो उसको निकाल दें। बिहार में जब से एनडीए है नीतीश कुमार ही उसका चेहरा हैं और जब तक आगे बिहार में एनडीए को रहना है नीतीश कुमार ही उसका चेहरा होंगे।
गौरतलब हो कि पिछले कुछ समय से भाजपा और जनता दल यूनाइटेड के बीच कई मुद्दों को लेकर बयानबाजी चल रही है, खासकर, बिहार में अग्निपथ योजना के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान जब उपद्रवियों ने भाजपा नेताओं को टारगेट किया।

संजय जायसवाल ने किया था कमेंट
सेना में बहाली की नई स्कीम के खिलाफ जब बिहार में हिंसक प्रदर्शन चल रहे थे तो उपद्रवियों ने बिहार भाजपा अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल और उपमुख्यमंत्री रेनू देवी के आवास पर हमला बोला। इसी को लेकर डॉ. संजय जायसवाल ने नीतीश सरकार पर हमला बोला था और आरोप लगाया था कि उपद्रवियों को भाजपा नेताओं को टारगेट करने के लिए खुली छूट दे दी गई थी। भाजपा और जनता दल यूनाइटेड के बीच इसी तकरार के दौरान इस सप्ताह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पटना आकर नीतीश कुमार से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने बयान दिया कि २०२५ तक नीतीश कुमार ही बिहार में मुख्यमंत्री बने रहेंगे। धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी स्पष्ट किया था कि नीतीश कुमार बिहार एनडीए के नेता हैं।

 

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