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बेटी-भतीजे में मैंने कभी नहीं किया फर्क!..शरद पवार ने अजीत पवार के आरोपों का दिया करारा जवाब

सामना संवाददाता / मुंबई

राकांपा अध्यक्ष शरद पवार को गत वर्ष जुलाई में राजनीतिक झटका लगा था। उनके भतीजे अजीत पवार ने पार्टी के दो तिहाई से अधिक विधायकों को साथ लेकर सीधे सत्ता में शामिल होने का पैâसला किया और २ जुलाई २०२३ को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। इसके बाद अजीत पवार ने अपने चाचा पर उनके साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया, जिस पर शरद पवार ने करारा जवाब देते हुए कहा है कि मैंने बेटी और भतीजे में कभी फर्क नहीं किया।
बता दें कि अजीत पवार बार-बार कह रहे हैं कि यह हमारी गलती है कि हम आपके (शरद पवार) सगे बेटे नहीं हैं? शरद पवार ने इस बात का मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा कि यह कहना सही नहीं है कि प्रफुल्ल पटेल ने राष्ट्रीय राजनीति में सुप्रिया सुले और राज्य की राजनीति में अजीत पवार को जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन मैंने इसे स्वीकार नहीं किया। सुप्रिया को सिर्फ सांसद बनाया गया है और वह लोकसभा में पार्टी की नेता हैं और अब तक दिल्ली की राजनीति में हैं। उन्हें कभी भी सत्ता या महत्वपूर्ण पद नहीं दिया गया, लेकिन अजीत पवार को हमेशा के लिए सत्ता का पद दे दिया गया। राज्य मंत्री के पद से लेकर कई बार कैबिनेट मंत्री, महत्वपूर्ण विभाग, तीन बार उप मुख्यमंत्री, विधानमंडल में पार्टी नेता, विधानसभा में विपक्ष के नेता, तमाम पद दिए गए। मैंने कभी बेटी और भतीजे में फर्क नहीं किया। अजीत पवार के इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है कि सत्ता में रहे बिना जनता के काम नहीं हो सकते। बता दें कि अजीत पवार ने शरद पवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर हम किसी वरिष्ठ (शरद पवार) के घर पैदा होते, तो हमें राष्ट्रपति पद मिल जाता। ये जो कुछ हुआ है ऐसा कुछ नहीं होता, पार्टी मेरे नियंत्रण में आ जाती। दरअसल, मैं साहब के भाई का बेटा हूं। यह हमारा दुर्भाग्य है कि हम उनसे पैदा नहीं हुए। हमें बोला गया कि उनकी लड़की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना चाहती है। हमने उसे भी स्वीकार कर लिया। अजीत पवार ने यह भी सलाह दी कि शरद पवार को अब राजनीति में नहीं आना चाहिए, क्योंकि उनकी उम्र हो गई है।

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