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गोरखपुर में ओटी टेक्नीशियन ने कर दिया गर्भवती का ऑपरेशन, जच्चा-बच्चा की मौत के आरोप में मैनेजर व संचालक गिरफ्तार!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन जिले वाराणसी के बाद प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिला गोरखपुर आता है। राजधानी लखनऊ के नागरिकों को तीसरे नम्बर की प्रशासनिक सुविधा मिलने का अनुमान है। माना जाता है कि इन जिलों में प्रशानिक अमला हरदम चौकन्ना रहता है। गोरखपुर जैसे हाईप्रोफाइल जिले में कैंपियरगंज के चौमुखा में स्थित मां दुर्गा हॉस्पिटल में ओटी टेक्नीशियन मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने डॉक्टर बनकर ऑपरेशन कर दिया था। जिस वजह से नवजात और प्रसूता की मौत हो गई थी। इस पर पुलिस ने पांच आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर मैनेजर श्यामसुंदर पासवान और संचालक शैलेंद्र नाथ सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।
आरोपी श्यामसुंदर पासवान महराजगंज के कोटा के मुकुंदपुर और संचालक शैलेंद्र गोरखनाथ के पचपेड़वा का रहने वाला है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर और एसपी नार्थ मनोज कुमार अवस्थी ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए आरोपियों के बारे में जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि मंगलवार को चौमुखा के वार्ड नंबर 14 निवासी शैलेश चौरसिया की पत्नी सरिता चौरसिया को प्रसव पीड़ा होने पर मां दुर्गा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार की सबुह ऑपरेशन से बच्चा हुआ। कुछ समय के बाद बच्चे की मौत हो गई।
हॉस्पिटल में भर्ती महिला की शाम के दौरान हालत बिगड़ने पर हॉस्पिटल का संचालक शैलेंद्र सोलंकी ने दो साथियों के साथ चिलुआताल क्षेत्र के नकहा नंबर एक के पास निर्मला अस्पताल पहुंचा दिया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना पर चिलुआताल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराया था। अब पुलिस केस दर्ज कर आरोपियों को जेल भिजवाया है। एसएसपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019 से हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन खत्म हो गया था। उसके बाद से पंजीकरण नहीं हुआ है। यहां पर काम करने वाले डॉक्टर से लेकर नर्स तक सब फर्जी हैं, किसी के पास कोई डिग्री नहीं है। अब पुलिस दर्ज केस की धारा को हत्या में तब्दील करने की तैयारी में है। पुलिस अब ऑपरेशन करने वाले फर्जी डॉक्टर चिलुआताल निवासी मोहम्मद असलम, टेक्नीशियन व नर्स कैंनियरगंज निवासी अनिता गिरी तथा नीतू भारती की तलाश में जुटी है। मुख्यमंत्री के जिले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी 2019 से चल रहे अवैध नर्सिंग होम पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं किया? किया तो वह किस स्थित में चल रहा था। इसके जिम्मेदार कर्मचारियों पर स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई किया है। जिले में और कितने नर्सिंग होम चल रहे हैं।

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