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प्रयागराज में पुलिस की ७ टीमें नहीं लगा पाई हत्यारों का सुराग!… यूपी पुलिस के हाथ खाली, जांच जारी

सामना संवाददाता / प्रयागराज
प्रयागराज के थरवई के खेवराजपुर गांव में २३ अप्रैल को एक ही परिवार के ५ सदस्यों की बेरहमी से की गई हत्या का पुलिस घटना के ३ दिन बाद भी खुलासा नहीं कर पाई है। इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले अपराधियों तक पुलिस की ७ जांच टीमों के हाथ नहीं पहुंच सके हैं। अभी तक की जांच में न तो हत्यारों का कोई सुराग मिल सका है और न ही हत्या की वजह सामने आ सकी है। अब पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदलते हुए २०१७ से लेकर अब तक हुए सामूहिक हत्याकांड की वारदातों के तार भी इस हत्याकांड से जोड़कर जांच शुरू कर दी है। जांच टीमें पूर्व में हुए हत्याकांड के परिजनों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की है। फिलहाल अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं और जांच जारी है।
पुलिस के लिए बनी चुनौती
पुलिस के लिए चुनौती बने इस हत्याकांड के खुलासे के लिए जांच टीमों ने वारदात के दिन वाली रात से लेकर सुबह तक आसपास के रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी फुटेज को खंगाल डाला। इस दौरान आने जाने वाले हर वाहनों की डिटेल भी चेक की गई व वाहन मालिकों से पुलिस पूछताछ भी की है। एसएसपी अजय कुमार अपने मातहत अफसरों के साथ नवाबगंज थाना क्षेत्र में पहुंचे जहां २०१७ से लेकर अब तक सामूहिक हत्याकांड की ४ वारदातें हो चुकी हैं। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों व पीड़ित परिजनों से भी बातचीत की। एसएसपी अजय कुमार का कहना है कि पूर्व में हुए हत्याकांड के घटनास्थल पर जांच-पड़ताल की गई है। कुछ गिरोह भी चिह्नित किए गए हैं।
घटना के बाद गमगीन परिजन
थरवई हत्याकांड में पुलिस हिरासत में लिए गए संदिग्धों का डीएनए टेस्ट करा सकती है। पुलिस मौके से ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है जिससे हत्यारों का सुराग मिल सके। यही कारण है कि पुलिस संदिग्धों का डीएनए टेस्ट कराने के मूड में है।

नैनी जेल में बंद गिरोह से भी पूछताछ
इस हत्याकांड की जांच कर रही सात टीमों में से एक टीम नैनी जेल भी पहुंची। नैनी जेल में छेमार गिरोह के कुछ सदस्य बंद हैं। पुलिस अधिकारी गिरोह के उन सदस्यों की भी खोज कर रहे हैं जो मुठभेड़ के दौरान पिछले साल नवंबर में फरार हो गए थे। फरार सदस्यों की संख्या ४ बताई जा रही है। पुलिस यह देख रही है कि कहीं इन फरार अपराधियों का हाथ तो इस हत्याकांड में नहीं है?
सामूहिक हत्याकांड
• होलागढ़ शुकुलपुर में बाप और बेटे व दो बेटियों को मौत के घाट उतार दिया गया था।
• मसनी गोड़वा गांव में मां और बेटी की हत्या।
• पसियापुर में दलित परिवार के ३ सदस्यों की हत्या।
• जूड़ापुर करनई गांव में दंपति और दो बेटियों की हत्या।

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